अंतरराष्ट्रीय पहलवान और यूपी कुश्ती संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश सिंह की पत्नी सुधा सिंह के लिए बागवानी शौक ही नहीं साधना है। लगन ऐसी की 40 साल पहले जब शहर में नर्सरी और खाद उपलब्ध होना आसान नहीं था। तब से वह बागवानी करती आ रही हैं।
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दिनेश सिंह व सुधा सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
उस समय वह पति के साथ स्कूटर पर बैठकर रेलवे स्टेशन जाती थीं और वहां से पौधे और खाद लाकर बागवानी का शौक पूरा करती थीं। इसी जुनून का नतीजा है कि आज बेतियाहाता स्थित आवास में 1500 स्क्वायर फीट के गार्डन के रूप में नजर आता है।
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सुधा सिंह ने बताया कि जब कक्षा छह में पढ़ती थी तभी से पिता के सानिध्य में गमलों में पौधे लगाने और उनकी देखभाल का सिलसिला शुरू हुआ। 1975 में शादी हुई तब भी ये शौक जारी रहा। उस दौर में किराए के मकान में गमलों में पौधरोपण किया करती थी।
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बेतियाहाता में जब खुद का आवास हुआ तो आगे खाली जमीन छुड़वाई और सुंदर गार्डन तैयार करने में जुट गई। पति ने भी हर संभव मदद की। आज गार्डन में आम, अमरूद, आंवला, पपीता, अनार के फलदार पेड़ हैं। वहीं अशोक, एरिका पॉम, बॉटल पॉम, करौदा, सहजन, मीठी नीम भी हैं। गुड़हल, लेमन ग्रास, एलोविरा, क्रोटन, अजूबा, डलेहिया, पिटूनिया समेत 150 से अधिक प्रजाति के पौधे गार्डन की शोभा बढ़ा रहे हैं।
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गांव में दस हजार स्क्वायर फीट में कर रहीं ऑर्गेनिक खेती
पहलवान दिनेश सिंह ने बताया कि शहर से 22 किलोमीटर दूर चतुरबंदुआरी गांव में दस हजार स्क्वायर फीट में ऑर्गेनिक खेती की शुरूआत भी पत्नी की प्रेरणा से की गई है। वह खुद ही वहां लगने वाली सब्जियों, फलों और फूल के पौधों का चुनाव करती हैं। उनके शौक से एक तरफ जहां हरियाली मिलती है। ताजी सब्जियां और फल खाने को भी मिलते हैं।