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Gorakhpur News: मानसिक संकट के संकेत पहचानें, खुलकर करें बातचीत

Fri, 11 Sep 2026 02:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Fri, 11 Sep 2026 02:40 AM IST
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Recognize the signs of a mental health crisis and talk openly.
- एमएमएमयूटी में आत्महत्या रोकथाम पर संवाद
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बोले विशेषज्ञ- परेशानी छिपाने के बजाय परिवार, मित्रों और विशेषज्ञों से लें मदद

गोरखपुर। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक परेशानियों के प्रति जागरूक किया गया। विश्वविद्यालय में ‘आत्महत्या पर बदलता नजरिया : बातचीत की शुरुआत’ विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें विद्यार्थियों को तनाव, भावनात्मक संकट के संकेत पहचानने और समय रहते मदद लेने के लिए प्रेरित किया गया।
मनोचिकित्सक डॉ. शांतनुप्रकाश अग्रवाल ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और भावनात्मक संकट के शुरुआती संकेतों को पहचानने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ की सहायता लेनी चाहिए। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एवं नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ. नितेश मिश्रा ने शैक्षणिक दबाव, व्यक्तिगत चुनौतियों और भावनात्मक कठिनाइयों से सकारात्मक ढंग से निपटने के उपाय बताए।
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कार्यक्रम में जागरूकता आधारित वृत्तचित्र भी दिखाया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि संकट में घिरे व्यक्ति की बात बिना निर्णय और दोषारोपण के सुनी जाए तथा जरूरत पड़ने पर परिवार, मित्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों से सहायता ली जाए। विशेषज्ञों ने कहा कि मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि जागरूकता और साहस का प्रतीक है।
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कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग और भारतीय ज्ञान परंपरा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर नारायण सिंह ने अध्यक्षता की। संयोजक डॉ. मिलिंद राज आनंद रहे। आयोजन में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हुए।


विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनकी शैक्षणिक और व्यक्तिगत सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। तनाव या भावनात्मक परेशानी को छिपाने के बजाय उसके बारे में बात करना जरूरी है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए ऐसा सहयोगी वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जहां वे अपनी समस्याएं बिना संकोच साझा कर सकें।
-प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, कुलपति, एमएमएमयूटी
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