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उपकाशी के नाम से प्रसिद्ध है यूपी का ये स्थान, इस मंदिर की कहानी जानकर हो जाएंगे हैरान

Fri, 29 Jan 2021 05:04 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 29 Jan 2021 05:04 PM IST
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UP second Kashi special story of Baba Dugdeshwar Nath Temple rudrapur deoria
बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद मुख्यालय से तकरीबन 23 किमी दूर स्थित रुद्रपुर उपनगर, उपकाशी के रूप में प्रसिद्ध है। यहां के बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर का इतिहास पुराना है। चार वर्ष पर लगने वाले अधिक मास पर इस धार्मिक स्थल का विशेष महत्व है। नीसक पत्थर से बने शिवलिंग को महाकालेश्वर उज्जैन का उपज्योर्तिलिंग माना जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग के स्पर्श मात्र से ही कष्ट दूर हो जाते हैं।

UP second Kashi special story of Baba Dugdeshwar Nath Temple rudrapur deoria
बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।
मान्यता है कि रुद्रपुर को राजा वशिष्ठसेन ने बसाया था। रुद्रपुर सन् 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के समय सतासी राज की गौरवशाली याद को समेटे है। यह भी मान्यता है कि देवाधिदेव भगवान शिव के नाम से मशहूर पवित्र नगरी रुद्रपुर के समीप स्थित तमाम गांव भगवान शिव के नाम से बसे हैं। भगवान शिव के महिमा से यह क्षेत्र प्रभावित रहा है।
UP second Kashi special story of Baba Dugdeshwar Nath Temple rudrapur deoria
बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
महाशिवरात्रि में होती है श्रद्धालुओं भारी भीड़
रुद्रपुर के आसपास के कई गांव भगवान शिव के नाम से जाने जाते हैं। जैसे रुद्रपुर, गौरी, बैतालपुर, अधरंगी, धतुरा, बौड़ी गांव हैं। सावन और अधिक मास में क्षेत्र शिवमय हो जाता है। भक्त अपनी मनोकामना को लेकर जलाभिषेक करते हैं। फाल्गुन मास में महाशिवरात्रि के दिन बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक करने आते हैं। यह स्थान दधिची और गर्ग ॠषियों की तपोस्थली माना जाता है।
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UP second Kashi special story of Baba Dugdeshwar Nath Temple rudrapur deoria
बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

पद्मपुराण में भगवान शिव के बारे में लिखा गया है कि महाकालस्य यल्लिंगम दुग्धेशमिति विश्रुतम। धार्मिक ग्रंथों में दो तरह के शिवलिंग माने गए हैं। वाणलिंग तथा चंडलिंग। बाबा दुग्धेश्वरनाथ अनादि स्वयं भू चंडलिंग हैं। सप्तकोसी इलाके में 11 अन्य शिवलिंग हैं।

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बाबा दुग्धेश्वर नाथ मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।

बाबा दुग्धेश्वरनाथ को महाकालेश्वर के दादश ज्योर्तिलिंगों का उपलिंग कहा जाता है। दादश उपलिंगों की स्थापना के बाद उपज्योर्तिलिंगों की स्थापना की गई। इनमें रुद्रपुर के बाबादुग्धेश्वर नाथ की पहली स्थापना मानी जाती है। रुद्रपुर में बाबा दुग्धेश्वर नाथ का उल्लेख एलेक्जेंडर ने गोरखपुर गजेटियर में भी किया है। साथ ही चीनी यात्री ह्वेनसांग ने भी अपनी यात्रा में इसका उल्लेख किया है।

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