गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग में जूनियर रेजिडेंट के रूप में कार्यरत डॉ. अबिषो की मौत से डॉक्टर और छात्र हतप्रभ हैं। मौत से कुछ देर पहले उनके साथ भोजन करने वाले जेआर डॉ. सुनील मद्धेशिया इस घटना के बाद से गहरे सदमे में हैं। उन्हें कॉलेज प्रशासन ने छुट्टी देकर घर भेज दिया है। वहीं मामले की जांच के लिए डॉ. सुनील आर्या की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी गई है।
11 जुलाई को हुई घटना के बाद सोमवार को भी परिसर में पूरे दिन चर्चा चलती रही। डॉ. अबिषो के शिक्षकों, साथियों एवं जूनियरों में से किसी को यह समझ नहीं आ रहा कि हर वक्त शांत और सामन्य रहने वाले जूनियर रेजिडेंट के साथ अचानक ऐसा क्यों हो गया। अगर जूनियर रेजिडेंट ने आत्महत्या कर ली तो उसकी क्या वजह हो सकती है? अगर वह अवसाद में थे तो ऐसी कौन सी परिस्थिति थी, जिसको साथ रहने वाले भी नहीं भांप सके।
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पत्नी डॉ. निमिषा के साथ डॉॅ. अबिषो डेविड।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेडिकल कॉलेज में चल रही चर्चाओं के अनुसार, डॉ. अबिषो ने आत्महत्या से एक दिन पहले यानी 10 जुलाई की दोपहर दो बजे से रात आठ बजे तक आईसीयू में ड्यूटी की। रात में सर्दी-जुकाम की बात कहकर हॉस्टल चले गए। वहां सबसे करीबी मित्र और जूनियर रेजिडेंट डॉ. सुनील मद्धेशिया के साथ उनके कमरे में बैठकर रात में ढाई बजे तक पढ़ाई की।
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डॉक्टर ने पत्नी को भेजी थी सेल्फी
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. अबिषो के जूनियर डॉ. अल्ताब ने बताया कि वह बेहद शांत, गंभीर और समर्पित स्वभाव के थे। कभी कोई ऐसा लक्षण नहीं दिखा, जिससे लगे कि वह किसी प्रकार के तनाव में हैं। डॉ. अबिषो के शोध-निर्देशक डॉ. सुनील आर्या ने बताया कि उनका शोध कार्य पूरा हो चुका था और उससे संबंधित प्रपत्र भी जमा कर दिए थे।
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मृतक डॉॅ. अबिषो डेविड की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कभी भी किसी समस्या का जिक्र नहीं किया। हर कार्य को दक्षता के साथ पूरा करना डॉ. अबिषो की खासियत थी। वह बिल्कुल सामान्य बातचीत करते थे और अपने घर आने के लिए भी आमंत्रित कर चुके थे।
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डॉक्टर के कमरे में मिला इंजेक्शन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जूनियर से मंगाई दवा खुद लेने निकले थे बाहर
रात करीब तीन बजे डॉ. अबिषो ने एक जूनियर छात्र से बुखार की दवा मंगवाई। यह दवा एक इंजेक्शन में थी। जूनियर डॉक्टर ने बताया कि वह हॉस्टल जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मुलाकात डॉ. अविषो से हो गई। वह इसी दवा के लिए हॉस्टल से बाहर निकले थे। तब इस बात का कतई भी अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात होगी।