उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में बाबाधाम से जलाभिषेक कर लौट रहे कावड़ियों की कार रविवार को पटहेरवा थाना क्षेत्र के बगही के पास मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्राॅली में पीछे से टकरा गई। इसमें पीछे की सीट पर बैठे चार कावड़ियों की मौत हो गई, जबकि कार चला रहे भतीजा और आगे की सीट पर बगल में बैठे चाचा की एयरबैग खुलने से जान बच गई। हालाकि यह दोनों गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद पहुंचे लोग भी क्षतिग्रस्त कार को देख आश्चर्यचकित हो गए। स्थानीय लोगों के साथ पुलिसकर्मी भी पहुंचे।
सिद्धार्थनगर जिले के मनोज सिंह, सुजीत जायसवाल, रामकरण गुप्ता, कैलाश मणि त्रिपाठी, राजेश शर्मा और सुशांत शर्मा जलाभिषेक करने के लिए अपनी कार से गए थे। कार राजेश शर्मा चला रहे थे और आगे की सीट पर बगल में इनके रिश्ते के चाचा सुशांत शर्मा बैठे थे।
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क्षतिग्रस्त कार एवं तीन मृतकों की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बगहीकुटी के पास पहुंचने पर मिट्टी लेकर सामने तेज गति से जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली की स्पीड अचानक धीमी हो गई और कट के पास चालक ने मोड़ने का प्रयास किया। इस बीच कार की गति तेज होने और चालक राजेश शर्मा को झपकी आने के चलते कार ट्रॉली में पीछे से जा टकराई। हादसे में कार में पीछे की सीट पर बैठे चार कावड़ियों की मौत हो गई, जबकि चालक राजेश शर्मा और इनके चाचा सुशांत शर्मा की जान बच गई।
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इसी कार में सवार थे सभी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारों के मुताबिक कार में केवल दो एयरबैग लगे थे, सिर्फ आगे बैठे चालक और उसके साथ बैठे सवार के लिए। इसलिए पीछे की सीट पर आराम से सो रहे चारों कांवड़ियों की कोई सुरक्षा नहीं थी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। चश्मदीदों ने बताया कि हादसे के बाद कार के भीतर ऐसा दृश्य था जिसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों ने कहा कि लेकिन जैसे ही देखा गया कि आगे बैठे दो लोग जिंदा हैं, कराह रहे रहे हैं तो सभी को चमत्कार सा लगा। स्थानीय लोगों की मदद से जब कार की तकनीकी जांच की गई तो सामने आया कि कार में लगे एयरबैग ही उनकी जिंदगी का कवच बन गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन स्टीयरिंग और डैशबोर्ड से निकलकर एयरबैग पलक झपकते ही दोनों सवारों के सामने पूरी तरह फैल गए।
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कार क्षतिग्रस्त हुआ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसों के दंश से सहम गया जिला, चहुंओर छाई उदासी
मात्र 24 घंटे के अंदर हुए सड़क हादसों में जिले के पांच लोगों की मौत से शहर समेत पूरे जिले के लोग सहमे नजर आए। मृतकों में शामिल लोगों के व्यक्तित्व ऐसे थे कि शहर की हर गली, चौराहे व घरों में उनके न होने के अहसास पर मायूसी छा जा रही। जहां भी चर्चा छिड़ती तो हर कोई मृतकों का नाम लेकर उनके सामाजिक जीवन की बात करते हुए दुखी हो जा रहा था। जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिला प्रशासन ने भी हादसे में हुई मौत पर शोक जताया है।