उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (यूपी बोर्ड) की ओर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद बच्चों की सफलता का जश्न स्कूल, घर से लेकर सोशल मीडिया तक मना। अभिभावकों और शिक्षकों ने बच्चों का मुंह मीठा कराया। बच्चों ने साथियों के साथ हिप हिप हुर्रे... बोलकर खुशी का इजहार किया।
UP Board Result 2022: गोरखपुर के इन पांच टॉपरों ने किया कमाल, मुफलिसी में लिखी कामयाबी की इबारत
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चाट का ठेला लगाने वाले के बेटे ने किया जिला टॉप
यूपी बोर्ड की परीक्षा में चाट का ठेला लगाने वाले कन्हैया निषाद के बेटे आकाश निषाद ने हाईस्कूल की परीक्षा में 93.83 फीसदी अंक हासिल कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। पांच भाई बहनों में सबसे छोटे आकाश के हाईस्कूल परीक्षा में सर्वाधिक अंक हासिल करने की सूचना पिता कन्हैया निषाद और मां मीरा देवी को मिली तो दोनों की आंखें खुशी के आंसुओं से छलक उठीं।
खुद को संभालते हुए बेटे को आशीर्वाद दिया और कहा कि हमारा बेटा सही मायने में कुल दीपक है। अमर उजाला से बातचीत में आकाश ने बताया कि वह आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। चौरीचौरा के चौरागांव के रहने वाले आकाश गंगा प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज के छात्र हैं। आकाश सोशल मीडिया पर नहीं हैं। बचपन से पढ़ाई में होनहार आकाश को पिता ने पढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया। विषम हालात में भी खुद भूखे सोए मगर कभी बेटे की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आने दी। कभी मदद के लिए ठेले पर नहीं बुलाया।
सफलता का मंत्र
स्वाध्याय किया। ऑनलाइन क्लास का लाभ लिया। रोजाना चार से पांच घंटे की पढ़ाई की। पूरे कोर्स को कई हिस्सों में बांट कर पढ़ा। ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करने का लाभ मिला।
आकाश के नाम से होगी सड़क
चौरीचौरा। आकाश की उपलब्धि की सूचना पर विधायक ई. सरवन निषाद ने फोन कर उन्हें बधाई दी। विधायक ने आकाश को पुरस्कृत करने के साथ एक सड़क का नाम उनके नाम से रखने का भी एलान किया। संवाद
नाम: आकाश निषाद
पिता का नाम: कन्हैया निषाद
मां: मीरा देवी
भाई: रमेश, सतीश और विकास
बहन: परी
लक्ष्य: आईएएस अफसर बनना
हाईस्कूल : 93.83 फीसदी
पसंद: किताबें पढ़ना
मान्या सिंह : हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान (93.5 फीसदी)
हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाली कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा मान्या सिंह ने बताया कि कक्षा दो में पढ़ती थी तो एक बार नीली बत्ती लगी गाड़ी में डीएम सर को जाते देखा था। तब से डीएम बनने की हसरत है। थोड़ी बड़ी हुई तो पता चला की उसके लिए यूपीएससी की परीक्षा उर्त्तीण करनी होती है। सातवीं क्लास से ही इसे लक्ष्य बना लिया है। आगे चलकर आईएएस अफसर बनना है। सहारा स्टेट में रहने वाली मान्या के पिता बलरामपुर डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। मां, खजनी स्थित उच्च प्राथमिक स्कूल में शिक्षिका हैं।नाम : मान्या सिंह
पिता : डॉ. भानु प्रताप सिंह
मां : रंजना सिंह
हाईस्कूल : 93.5 फीसदी
लक्ष्य : आईएएस अफसर
शौक : किताबें पढ़ना
शौर्य चौरसिया : हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में तीसरा स्थान (92.67 फीसदी)
एमजी इंटर कॉलेज के छात्र शौर्य चौरसिया ने हाईस्कूल की परीक्षा में जिले में तीसरा स्थान प्राप्त कर परिजनों के साथ ही विद्यालय का भी नाम रौशन किया है। शौर्य को 92.67 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। शौर्य ने बताया कि उन्हें विश्वास था कि परिणाम अच्छा आएगा और हुआ भी ऐसा ही। बताया कि भविष्य में उनका लक्ष्य सिविल सेवा में चयनित होकर देश की सेवा करना है। शौर्य का कहना है कि स्कूल के बाद घर पर प्रतिदिन चार घंटे पढ़ाई की। कोचिंग का सहयोग नहीं लिया। शिक्षक पिता के साथ ही स्कूल के शिक्षकों का भी पढ़ाई में पूरा सहयोग मिला। सोशल मीडिया से भी दूरी बनाई रखी।नाम: शौर्य चौरसिया
पिता: विनोद कुमार चौरसिया
माता: सरोज चौरसिया
बहन: सौम्या चौरसिया
हाई स्कूल : 92.67 फीसदी
लक्ष्य : सिविल सर्विस
शौक: किताबें पढ़ना
कृष्ण प्रिया मिश्रा: इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में प्रथम स्थान (89.8 फीसदी)
यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट की परीक्षा में कृष्ण प्रिया मिश्रा (89.8 फीसदी) जिला टॉपर बनी हैं। विषम परिस्थितियों में भी इस बेटी ने अपनी मेहनत से कामयाबी की इबारत लिखी है। कृष्ण प्रिया के पिता सुकई प्रसाद एक किसान हैं और मां अष्टभुजा मिश्रा गृहिणी हैं।कैंपियरंगज ब्लॉक के बरगदही गांव की कृष्ण प्रिया श्रीमती परमापट देवी इंटर कॉलेज मछलीगांव की छात्रा हैं। वो आगे चलकर सिविल सर्विसेज की तैयारी करना चाहती हैं। उनके बड़े भाई राजीव रतन मिश्रा भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। सेल्फ स्टडी से ही कृष्ण प्रिया ने ये सफलता हासिल की है। इसके साथ ही कक्षा में भी रोजाना उपस्थित रही हैं। बताया कि प्रधानाचार्य सुजीत कुमार चौधरी ने हमेशा मार्गदर्शन किया।
सफलता का मंत्र
कक्षा में नियमित उपस्थिति रही। कोचिंग नहीं किया। स्वाध्याय से सफलता मिली। रिवीजन पर ज्यादा से ज्यादा फोकस रहा।
नाम: कृष्ण प्रिया मिश्रा
पिता: सुकई प्रसाद मिश्रा
मां:अष्टभुजा मिश्रा
भाई: राजीव रतन मिश्रा
इंटरमीडिएट: 89.8 फीसदी
लक्ष्य: यूपीएससी
पसंद: किताबें पढ़ाना, संगीत सुनना