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योगी जी सुनो! हम जिंदा हैं: अपनों की मिलीभगत से कागजों में 'कत्ल' कर दिए गए दो लोग, अब लगा रहे हैं गुहार

Sat, 06 Mar 2021 02:28 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 06 Mar 2021 02:28 PM IST
सार

  • सहजनवां तहसील के अभिलेखों में मृत घोषित किए गए दो लोग जिंदा होने का दे रहे सुबूत
  • दोनों बुजुर्ग की जमीन दूसरे के नाम कर दी गई, न्याय के लिए लगा रहे तहसील के चक्कर

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Two people declared dead in records of Sahjanwa Tehsil gorakhpur being alive
जिंदा लोगों को कागज में दिखाया जा रहा है मृत। - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां अपनों की मिलीभगत से तहसील कर्मियों द्वारा सरकारी अभिलेखों में ‘कत्ल’ कर दिए गए भक्साफाफी गांव के रामकृष्ण हरिदास, घूम-घूमकर सरकारी अधिकारियों को अपने जिंदा होने का सुबूत दे रहे हैं, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं। वे बेहाल, कहते हैं, अब योगी बाबा का सहारा है, हम मंदिर में जाकर गुहार करेंगे, कोई नहीं सुन रहा, योगी जी सुनो! हम जिंदा हैं। ऐसे ही 72 वर्षीय जियाऊ के ‘कत्ल’ के मामले में जांच तो शुरू हो गई है, मगर वो कब जिंदा हो पाएंगे और कब ‘कातिल’ दंड पाएंगे पता नहीं।



 

Two people declared dead in records of Sahjanwa Tehsil gorakhpur being alive
पीड़ित रामकृष्ण हरिदास। - फोटो : अमर उजाला।

पाली ब्लॉक के 50 वर्षीय रामकृष्ण हरिदास का नाम भूमि की खतौनी में दर्ज था। फरवरी 2020 में उन्होंने खतौनी निकलवाई, तब पता चला कि राजस्व रिकार्डों में उन्हें 12 दिसंबर 2015 को मृत घोषित कर उनके हिस्से की जमीन दूसरे के नाम कर दी गई। रामकृष्ण हरिदास ने जब अपना इंतखाब निकलवाया तो उस नंबर पर उनका नाम नहीं था। उनकी जगह दूसरे का नाम दर्ज कर दिया गया था और रिपोर्ट लगा दी गई थी कि रामकृष्ण की मौत हो चुकी है। अब रामकृष्ण हरिदास खुद को जिंदा साबित करने के लिए महीनों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने तहसीलदार शशिभूषण पाठक को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। रामकृष्ण के एक पुत्र अशोक कुमार यादव तथा एक पुत्री मनीषा (अविवाहित) हैं।

 

Two people declared dead in records of Sahjanwa Tehsil gorakhpur being alive
पीड़ित जियाऊ पाल। - फोटो : अमर उजाला।

इससे पहले, मुस्तफाबाद उर्फ मलउर गांव के जियाऊ पाल (72) का मामला सामने आ चुका है। 12 वर्ष पूर्व तत्कालीन लेखपाल द्वारा उन्हें मृत घोषित कर चौथी नामक व्यक्ति के नाम उनकी संपत्ति कर दी गई। इसकी जानकारी उन्हें तब हुई, जब करीब एक वर्ष पूर्व किसान सम्मान निधि की राशि आई। खुद को जिंदा करवाने के लिए वह वर्षों से तहसील के चक्कर काट रहे हैं। जियाऊ के दो पुत्र राम किशनपाल, होमगार्ड हैं और बृजेश पाल, बाहर काम करते हैं। मामला उजागर होने पर तहसील प्रशासन जागा और पीड़ित के प्रार्थनापत्र के आधार पर वाद दाखिल कर जांच टीम गठित की है।
 
 

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Two people declared dead in records of Sahjanwa Tehsil gorakhpur being alive
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

सहजनवां तहसील कार्यालय आरके बाबू पीयूष ने कहा कि हमारे पास राजस्व कर्मचारियों का पुराना लेख-जोखा मौजूद नहीं है। पूर्व में तैनात रहे आरके बाबू द्वारा राजस्व कर्मियों के संबंध में कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया।

सहजनवां तहसीलदार शशि भूषण पाठक ने कहा कि राजस्वकर्मियों के लेखा-जोखा से संबंधित रजिस्टर न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की जांच की जाएगी।

 

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Two people declared dead in records of Sahjanwa Tehsil gorakhpur being alive
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : PIXABAY
एसडीएम सहजनवां सुरेश कुमार राय ने कहा कि दो-तीन दिन से बाहर था। दोनों मामले संज्ञान में आए हैं, जो बहुत गंभीर हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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