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यूपी: गोरखपुर में जेठानी संभालेंगी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी, देवरानी ब्लॉक की मुखिया
Sun, 11 Jul 2021 09:33 PM IST
vivek shukla
प्रगति चंद, गोरखपुर।
प्रगति चंद, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 11 Jul 2021 09:33 PM IST
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गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह व खजनी ब्लॉक प्रमुख अंशु सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में जेठानी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभालेंगी वहीं देवरानी ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी संभालेंगी। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीर बहादुर सिंह की पुत्र वधू साधना सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री के भाई गुलाब सिंह की पुत्र वधू भाजपा समर्थित अंशु सिंह ब्लॉक प्रमुख बनी हैं। ऐसे में देवरानी और जेठानी जल्द ही जिम्मेदारी संभालेंगी।
अंशु सिंह(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
खजनी में निर्दल प्रत्याशी रंजना सिंह एवं कमलावती ने नामांकन किया था लेकिन नामांकन वापसी के दिन उन्होंने अपना पर्चा वापस ले लिया, जिससे वहां से भाजपा प्रत्याशी अंशु सिंह निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। इस दौरान अंशु सिंह ने कहा कि ससुर गुलाब सिंह व पति सुरेंद्र बहादुर सिंह 35 साल तक ब्लॉक प्रमुख रहे हैं। उन्होंने जनता की सेवा की और जनता ने भी बहुत सम्मान दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
बरकरार रहा महिला जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड
साधना सिंह के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने से एक रिकॉर्ड फिर नहीं टूटा। दरअसल, जिला पंचायत गठन के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी महिलाओं के पास ही रही है। एक बार भी पुरुष जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बना है। पहले शोभा साहनी, फिर सुभावती पासवान ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। इसके बाद चिंता यादव, साधना सिंह और गीतांजलि यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बन गईं। इस बार साधना सिंह अध्यक्ष बन गईं, जिससे महिलाओं के अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बरकरार रहा।
साधना सिंह के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने से एक रिकॉर्ड फिर नहीं टूटा। दरअसल, जिला पंचायत गठन के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी महिलाओं के पास ही रही है। एक बार भी पुरुष जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं बना है। पहले शोभा साहनी, फिर सुभावती पासवान ने जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। इसके बाद चिंता यादव, साधना सिंह और गीतांजलि यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बन गईं। इस बार साधना सिंह अध्यक्ष बन गईं, जिससे महिलाओं के अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बरकरार रहा।
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जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
दूसरी बार जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं साधना सिंह अमर उजाला संवाददाता से विशेष बातचीत में कहा कि मुख्य मुद्दा विकास है। भाजपा ने जो भरोसा जताया है, उसपर खरा उतरा जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की बहू व कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह की पत्नी हूं। इस परिवार को विकास परक राजनीति के लिए जाना जाता है। जिला पंचायत की सड़कें अच्छी हों, यह व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी। जो काम कभी नहीं हुए, उसे पूरा कराया जाएगा। पांच वर्षों का कार्यकाल यादगार रहेगा।
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विधायक फतेहबहादुर सिंह व उनकी पत्नी साधना सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
फतेहबहादुर ने फिर दिखाया राजनीतिक कौशल
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में शानदार रणनीति बनाने और साधना सिंह के निर्विरोध निर्वाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह का सिक्का ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी चला। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से जुड़े जंगल कौड़िया, भर्रोहिया और कैंपियरगंज ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। दूसरे दल से कोई नामांकन पत्र नहीं आया। इसमें चाणक्य की भूमिका फतेहबहादुर सिंह ने ही निभाई है। नामांकन के दौरान भी भाजपा विधायक डटे रहे। भर्रोहिया जाकर भाजपा प्रत्याशी का नामांकन भी कराया।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में शानदार रणनीति बनाने और साधना सिंह के निर्विरोध निर्वाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह का सिक्का ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी चला। कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र से जुड़े जंगल कौड़िया, भर्रोहिया और कैंपियरगंज ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। दूसरे दल से कोई नामांकन पत्र नहीं आया। इसमें चाणक्य की भूमिका फतेहबहादुर सिंह ने ही निभाई है। नामांकन के दौरान भी भाजपा विधायक डटे रहे। भर्रोहिया जाकर भाजपा प्रत्याशी का नामांकन भी कराया।