सीएम योगी का है इस मंदिर से गहरा नाता, 300 साल पहले हुई थी इसकी स्थापना, तस्वीरें
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विजयदशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली गोरक्षपीठ के महंत की शोभायात्रा इसी मंदिर पर आकर समाप्त होती है। गोरक्षपीठ के अबतक जो भी महंत रहे, वे वर्षों से विजयादशमी के दिन मानसरोवर मंदिर परिसर में स्थित शिव मंदिर, रामजानकी मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर और दुर्गा मंदिर में परंपरागत रूप से पूजा करते चले आ रहे हैं।
तीन सौ साल पुराना है मंदिर का इतिहास
गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि मानसरोवर शिव मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है। मंदिर का निर्माण तीन सौ साल पूर्व तत्कालीन उनवल नरेश राजा मान सिंह ने कराया था। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि के दिन इस प्राचीन मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
मुख्यमंत्री ने कराया मानसरोवर शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य
गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यानाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस मंदिर की सूरत ही बदल गई। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने मानसरोवर शिव मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए सात करोड़ रुपये जारी किए थे।
इसके बाद परिसर में स्थित मंदिर, सरोवर, यात्री निवास और अतिथि निवास का जीर्णोंद्धार कराया गया है। अब यह मंदिर गोरखपुर की पहचान बन गई है।