गोरखपुर में नजर आएगा 'अयोध्या' और 'जनकपुरी', जानें कैसा होगा रामलीला मैदान का नजारा
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अब इन प्राचीन रामलीला कमेटी और मैदानों को सहेजने के लक्ष्य से योगी सरकार ने बर्डघाट स्थित रामलीला मैदान सहित 10 जिलों के प्राचीन मैदान को संरक्षित करने का फैसला किया है। वहीं गोरखपुर के लिए 4.80 करोड़ की धनराशि स्वीकृत कर दी है। जून में यहां काम शुरू होने की उम्मीद है।
मैदान के प्रवेश द्वार को अध्यात्म से जोड़ने के नजरिए से इनके नाम अयोध्या, चित्रकूट, मिथिला, जनकपुरी और पंचवटी के नाम दिए जाएंगे। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए डीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यहां मंच, बाउंड्री, चेजिंग रूम, पेयजल, टॉयलेट ब्लाक सरीखी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने पर सहमति दी।
जिसके बाद पर्यटन विभाग ने पूरा खाका तैयार कर शासन को भेजा। प्रस्ताव के तहत पूरे रामलीला मैदान की बाउंड्री कराई जाएगी। वहीं दीवार के दोनों ओर रामायण के प्रसंग से जुड़ी कहानियां उकेरी जाएंगी। म्यूरल बनाए जाएंगे।
इन शहरों के रामलीला मैदान होंगे संरक्षित
गोरखपुर, लखनऊ, बरेली, वाराणसी, चित्रकूट, अयोध्या, प्रयागराज, फिरोजाबाद, आगरा और सहारनपुर।
- छह से आठ फीट ऊंची बाउंड्री
- बाउंड्री समेत पूरे परिसर में रामयाण के म्यूरल
- प्रवेश द्वार का नामकरण अयोध्या, चित्रकूट और मिथिला के नाम पर होगा
- कलाकारों के लिए ग्रीन रूम, स्टोर, टॉयलेट ब्लॉक, पेयजल
- विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मर, हाईमास्ट, लाइट
शासन ने मानसरोवर कुंड और वहां के रामलीला मैदान के कायाकल्प के लिए पूर्व में ही करीब सात करोड़ रूपये स्वीकृत कर चुका है। यहां निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। लॉकडाउन के दौरान कुछ समय के लिए काम बंद हुआ था, मगर अब चल रहा है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवींद्र मिश्रा ने बताया कि प्राचीन रामलीला मैदान के संरक्षण की प्रदेश सरकार ने योजना बनाई है। इसके तहत बर्डघाट स्थित रामलीला मैदान का सुंदरीकरण कराया जाएगा। शासन से कायाकल्प को लेकर धनराशि स्वीकृत हो गई है। जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।