देश में शासन की ओर से कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए वैक्सीनेशन की तैयारी जोरों पर है। इसके लिए गोरखपुर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से ड्राई रन यानी पूर्वाभ्यास भी किया गया है। हालांकि वैक्सीनेशन को लेकर आमजन अब थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन अब भी अधिकतर के मन में टीकाकरण के प्रति कई सवाल भी हैं। इस दिशा में परिवार कल्याण मंत्रालय ने टीकाकरण से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों का जवाब देते हुए एक पुस्तिका जारी कर टीकाकरण से संबंधित आशंकाओं व भ्रांतियों को भी दूर किया है।
कोरोना वैक्सीन के लिए पंजीकरण अनिवार्य, दिखाना होगा यह 'कार्ड'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पुस्तिका के जरिए जानकारी दी है कि उच्च जोखिम वाले समूहों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन के लिए चिन्हित किया गया है। इन्हें तीन समूहों में बांटा गया है- पहले समूह में हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर शामिल हैं, दूसरे समूह में 50 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति तथा जो पहले से ही किसी रोग से ग्रसित हैं। इसके बाद अन्य आम लोगों को वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी।
दूसरे देशों की तरह वैक्सीन भारत में भी प्रभावी
सीएमओ ने बताया कि भारत में कोरोना वैक्सीन उतनी ही प्रभावी होगी जितनी अन्य देशों द्वारा विकसित वैक्सीन। वैक्सीन परीक्षण के विभिन्न चरणों में इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है। सुरक्षा और प्रभाव की डेटा की जांच के आधार पर मंजूरी के बाद ही वैक्सीन लगाई जाएगी।
कोविड वैक्सीनेशन के लिए पहले होगा पंजीकरण
कोविड वैक्सीनेशन के लिए पात्र लाभार्थियों को पहले पंजीकरण कराना होगा। उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से वैक्सीनेशन और उसके निर्धारित समय के बारे में स्वास्थ्य सेवाओं की ओर से सूचित किया जाएगा। पंजीकरण के लिए फोटो के साथ पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
पंजीकरण के लिए देने होंगे फोटो पहचान पत्र
- आधार कार्ड , ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आइडी एवं पैन कार्ड
- पासपोर्ट, जॉब कार्ड, पेंशन दस्तावेज, मनरेगा कार्ड
- स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड