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बुजुर्गों की सेहत के प्रति गंभीर नहीं है स्वास्थ्य विभाग, जान पर बन आई है ये बात

Mon, 05 Oct 2020 09:09 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 05 Oct 2020 09:09 AM IST
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Rapid response team not reached home isolate corona patient in gorakhpur
कोरोना के बढ़ते मामले - फोटो : iStock

बुजर्गों की सेहत के प्रति महकमा गंभीर नहीं है। मरीजों के परिजनों के फोन के बाद भी न तो टीम पहुंच रही है और न कोई रिस्पांस दिया जा रहा है। जबकि होम आइसोलेट मरीजों की सुविधा के लिए 23 आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) टीमें बनाई गई हैं। इसके बावजूद न तो मरीजों को दवा मिल पा रही और न ही टीम उन तक पहुंच रही है। पीड़ितों ने मामले की शिकायत डीएम से लेकर सीएम और सीएमओ से की है।

Rapid response team not reached home isolate corona patient in gorakhpur
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI

जानकारी के मुताबिक तारामंडल के सिद्धार्थ इन्क्लेव के रहने वाले एक परिवार में 82 साल की बुजुर्ग महिला कोरोना संक्रमित मिली हैं। संक्रमित महिला के बेटे का आरोप है कि पॉजिटिव आने के बाद अब तक कोई टीम न तो घर आई और न ही कोई फोन आया। इसके बाद किसी तरह संपर्क करने की कोशिश की गई तो कोई रिस्पांस नहीं मिला। थकहार कर निजी चिकित्सक से सलाह ली और दवा कराया। बताया कि अलक्षणिक मामला था, अगर गंभीर संक्रमण होता तो स्थिति बिगड़ सकती थी।

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Covid 19 - फोटो : PTI

बसंतपुर के रहने वाले एक परिवार में 72 वर्षीय बुजुर्ग संक्रमित हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन दिन हो गए, लेकिन न तो संपर्क किया गया और न ही टीम अब तक पहुंची है। मजबूरी में परिजनों ने किसी तरह दूसरों की सहायता से दवा मंगवाया है। यह कहानी होम आइसोलेशन में रहने वाले सैकड़ों मरीजों की है। लेकिन इसके बाद भी विभाग इस पर गंभीर नहीं है।


 

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Covid-19 - फोटो : PTI

23 आरआरटी टीमें बनाई गई
होम आइसोलेशन की सुविधा के बाद विभाग ने मरीजों की देखभाल के लिए 23 आरआरटी टीमें बनाई है। टीम में डॉक्टर समेत स्वास्थ्य कर्मी शामिल किए गए हैं। यह टीमें होम आइसोलेशन में मरीजों की फोन पर सलाह देने के साथ घरों तक पहुंचेंगी। अगर बुजुर्ग मरीज मिलते हैं तो उन्हें कोविड वार्ड में भर्ती कराने की जिम्मेदार भी होगी। लेकिन टीम मामले में लगातार लापरवाही बरत रही है।

 

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कोरोना वायरस। - फोटो : PTi

135 मरीजों के घर नहीं पहुंच पाई टीम
23 सिंतबर से लेकर दो अक्तूबर के बीच टीमों को 781 मरीजों के घर जाने का लक्ष्य विभाग की ओर से दिया गया था। लेकिन टीम अभी भी 135 मरीजों के घरों तक नहीं पहुंच पाई है। इसकी वजह से होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज परेशान है। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह दवा कहां से मंगाए और कौन सी दवा खाएं।

सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि आरआरटी के कुछ टीमों की शिकायतें मिली है। मामले में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हर एक मरीज के घर तक दवा पहुंचाते हुए मरीजों को सही सलाह दी जाए। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 

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