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गोरखपुर: पिस्टल पहुंचाने वाले नेटवर्क पर शिकंजा, लॉरेंस गैंग के तीन और गुर्गे दबोचे, अब तक 16 गिरफ्तारियां
Sun, 04 Oct 2026 06:05 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 04 Oct 2026 06:05 PM IST
सार
गोरखपुर जिले में अपराधियों तक अवैध पिस्टल पहुंचाने वाले नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। खोराबार पुलिस ने रविवार को नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर जिले में अपराधियों तक अवैध पिस्टल पहुंचाने वाले नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। खोराबार पुलिस ने रविवार को नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया। इनके पास से .32 बोर की पिस्टल, .315 बोर का तमंचा, मैगजीन और 7.65 बोर का कारतूस बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 16 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और इनके कब्जे से 15 पिस्टल व एक तमंचा बरामद हुआ है।
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पुलिस लाइंस में प्रेसवार्ता में एएसपी/सीओ कैंट अरुण कुमार एस और खोराबार थानाध्यक्ष सुधांशु सिंह ने कार्रवाई की जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैंट के डिबिया निवासी अफजल खान और दिव्यनगर रानीडीहा निवासी मोहम्मद शमी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, एसटीएफ गोरखपुर और एंटी थेफ्ट टीम ने पूर्व में पांच असलहा तस्करों को गिरफ्तार कर चार पिस्टल बरामद की थीं। पूछताछ में मिले सुरागों से इस सप्लाई नेटवर्क का पता चला। इसके बाद अलग-अलग कार्रवाई में नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपी पकड़े गए।
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चिलुआताल हत्याकांड में भी सामने आया था कनेक्शन
17 मार्च को चिलुआताल क्षेत्र में राज कुमार चौहान की गोली और चाकू मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले में दो पिस्टल बरामद करते हुए मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया था। जांच में बरामद असलहों का कनेक्शन भी इसी नेटवर्क से सामने आया। इसके अलावा 15 सितंबर को कुशीनगर के कप्तानगंज में 25 हजार रुपये के इनामी मोहम्मद आसिफ को पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। 26 सितंबर को करन सोनकर और 30 सितंबर को मुलायम निषाद उर्फ नितेश, शैलेंद्र निषाद, चंदन जायसवाल उर्फ लकी और 10 हजार रुपये के इनामी वीरू साहनी उर्फ गौरव को पिस्टल के साथ पकड़ा गया था।
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सप्लायरों तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस अब नेटवर्क के उन गुर्गों की तलाश में जुटी है जो बाहर से असलहे मंगाकर अपराधियों तक पहुंचाते थे। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।