सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों को 3 मार्च 2020 की सुबह फांसी पर लटाने की नई तारीख जारी कर दी है। वहीं, निर्भया के साथ हुई वारदात के दौरान मौके पर मौजूद दोस्त अवनींद्र अभी कहां है? इसके बारे में गोरखपुर में रहते उसके परिवार वाले किसी को कुछ बताना नहीं चाहते। दरिंदों का सामना करने वाले अवनींद्र आज गुमनामी का जीवन जीने को मजबूर हैं। निर्भया के साथ मुश्किल के इस वक्त में हमलावरों का सामना करने वाले अवनींद्र के बारे में आज किसी को भी कोई जानकारी नहीं है।
16 दिसंबर की घटना के बाद कई दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद अवनींद्र अब किसी गुमनाम स्थान पर रहते हैं। उनका परिवार गोरखपुर में रहता है लेकिन अवनींद्र के घर के लोग नहीं चाहते कि उनके बेटे के बारे में किसी को भी भी कोई जानकारी दी जाए।
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निर्भया के दोषियों को होगी फांसी
- फोटो : Amar Ujala
निर्भया कांड पर जब अमर उजाला की टीम गोरखपुर के तुर्कमानपुर स्थित अवनींद्र के घर उनके बारे में जानने पहुंची तो वहां उनके पिता भानु प्रताप पांडेय मौजूद मिले। गोरखपुर के नामी वकीलों में एक कहे जाने वाले भानु प्रताप से शुरुआती बातचीत के बाद जब 16 दिसंबर की उस वारदात पर बातचीत शुरू हुई तो वह भावुक हो गये। भानु प्रताप ने कहा कि इस घटना को सात साल हो गये हैं लेकिन मेरा बेठा इससे उभर नहीं पा रहा है।
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निर्भया के साथ मौके पर मौजूद दोस्त अवनींद्र व दोषी पवन।
- फोटो : अमर उजाला
अवनींद्र से इस हादसे के बाद इतने सवाल पूछे गए कि वह इससे आगे बढ़ ही नहीं पा रहा था। साथ ही ये भी तय था कि अगर अवनींद्र दिल्ली या गोरखपुर रहता तो अपनी आने जिंदगी के लिए कुछ भी बेहतर नहीं कर सकता था, पर अब ऐसा नहीं है। अवनींद्र महाराष्ट्र के पुणे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, इन दिनों प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर के पद पर विदेश में कार्यरत है। वह हमेशा से चाहता था कि निर्भया के दोषियों फांसी पर लटकाया जाए।
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निर्भया में दोषियों की फांसी का रास्ता साफ।
- फोटो : अमर उजाला
निर्भया के बारे में अवनींद्र का कहना था कि, ‘हर पल एक दर्द सताता है कि दोस्ती अधूरी रह गई। दोस्त का हर पल साथ देने का वादा टूट गया। काश, मैं उसे बचा पाता। कहीं न कहीं दिल में हर पल अपराध बोध होता है कि राजधानी पहले जागी होती तो वो हमारे बीच होती।’ अवनींद्र का मानना है, ‘जब तक आरोपियों को फांसी की सजा न हो जाए, तब तक इंसाफ अधूरा रहेगा। हालांकि अब एक सुकून है कि अब लोग बदलाव की ओर देख रहे हैं। इससे हमारा कल अच्छा होगा।