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Navratri 2021: शारदीय नवरात्र आज से शुरू, घरों, मंदिरों और पंडालों में गूंज रहे शेरोवाली के जयकारे
Thu, 07 Oct 2021 11:32 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 07 Oct 2021 11:32 AM IST
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शारदीय नवरात्रि 2021।
- फोटो : अमर उजाला
मां दुर्गा की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र गुरुवार यानी आज से शुरू हो गया है। गोरखपुर शहर के सभी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का आना जारी है। वहीं घरों, मंदिरों और देवी पंडालों में शेरोवाली के जयकारे गूंज रहे हैं। बता दें कि नवरात्रि की तैयारियां बुधवार शाम तक पूरी हो चुकी थी। प्रमुख देवी मंदिरों को सजाया जा चुका था। चुनरी, नारियल आदि पूजन सामग्री की दुकानें सज कर तैयार हो गए थे। आज भक्त माता के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर मंगल कामना कर रहे हैं। घरों, मंदिरों और देवी पंडालों में कलश स्थापित किए जा रहे हैं।
शारदीय नवरात्रि 2021।
- फोटो : अमर उजाला।
ऐसे करें पूजन-अर्चन
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक नवरात्रि पर्व आरंभ करने के लिए मिट्टी की वेदी बनाकर उसमें जौ और गेंहू मिलाकर बोएं। उस पर विधि पूर्वक कलश स्थापित करें। कलश पर देवी जी मूर्ति (धातु या मिट्टी) या चित्रपट स्थापित करें।
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक नवरात्रि पर्व आरंभ करने के लिए मिट्टी की वेदी बनाकर उसमें जौ और गेंहू मिलाकर बोएं। उस पर विधि पूर्वक कलश स्थापित करें। कलश पर देवी जी मूर्ति (धातु या मिट्टी) या चित्रपट स्थापित करें।
शारदीय नवरात्रि 2021।
- फोटो : अमर उजाला।
पहले दिन मां शैलपुत्री की होगी आराधना
पंडित बृजेश पांडेय ने बताया कि शक्ति के उपासक पहले दिन माता के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की आराधना करेंगे। मां दुर्गा पहले स्वरूप में शैलपुत्री के नाम से जानी जाती हैं। पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा था।
पंडित बृजेश पांडेय ने बताया कि शक्ति के उपासक पहले दिन माता के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की आराधना करेंगे। मां दुर्गा पहले स्वरूप में शैलपुत्री के नाम से जानी जाती हैं। पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा था।
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शारदीय नवरात्रि 2021।
- फोटो : अमर उजाला।
देवी के प्रमुख मंदिरों को सजाया गया
दुर्गा पूजा को देखते हुए गोलघर काली मंदिर, कुसम्ही स्थित बुढ़िया माता काली मंदिर, दाउदपुर काली मंदिर, कालीबाड़ी रेती चौक, विंध्यवासिनी मंदिर समेत शहर के प्रमुख देवी मंदिरों को सजाया जा चुका है। चुनरी, नारियल आदि पूजन सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं। मंदिरों में भीड़ न जुटने पाए, इसके लिए तैयारी की गई है।
दुर्गा पूजा को देखते हुए गोलघर काली मंदिर, कुसम्ही स्थित बुढ़िया माता काली मंदिर, दाउदपुर काली मंदिर, कालीबाड़ी रेती चौक, विंध्यवासिनी मंदिर समेत शहर के प्रमुख देवी मंदिरों को सजाया जा चुका है। चुनरी, नारियल आदि पूजन सामग्री की दुकानें भी सज गई हैं। मंदिरों में भीड़ न जुटने पाए, इसके लिए तैयारी की गई है।
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शारदीय नवरात्रि 2021।
- फोटो : अमर उजाला।
बिना मास्क देवी मंदिरों में नहीं मिल रहा प्रवेश
शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं को मंदिरों में बिना मास्क प्रवेश नहीं मिल रहा है। प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के हाथ को सैनिटाइज कराया जा रहा है। साथ ही भक्तों के बीच दो गज की दूरी नियम का पालन कराया जा रहा है। नवरात्र में देवी मंदिरों में होने वाली भीड़ के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन ने कहा है कि भले ही शहर कोरोना मुक्त हो गया है, लेकिन शासन एवं प्रशासन की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है। इसमें कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही।
शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं को मंदिरों में बिना मास्क प्रवेश नहीं मिल रहा है। प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं के हाथ को सैनिटाइज कराया जा रहा है। साथ ही भक्तों के बीच दो गज की दूरी नियम का पालन कराया जा रहा है। नवरात्र में देवी मंदिरों में होने वाली भीड़ के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन ने कहा है कि भले ही शहर कोरोना मुक्त हो गया है, लेकिन शासन एवं प्रशासन की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन कराया जा रहा है। इसमें कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही।