शमशेर को रिमांड पर लेने बस्ती पहुंची मुंबई की रेलवे पुलिस, जाली ई टिकट बना कमाए करोड़ों
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ई-टिकटिंग के माध्यम से अकूत धन कमाने तथा टेरर फंडिंग का मामला अभी भी गरम है। जिले में गिरफ्तार इस गैंग का महत्वपूर्ण किरदार शमशेर पर अब और शिकंजा कसा जाने लगा है। मुंबई सहित कई राज्यों से ई-टिकटिंग के साफ्टवेयर के माध्यम से रेलवे को चूना लगाने वाले शमशेर के तार जुड़े हैं।
मुंबई के कुर्ला आरपीएफ के सब इंसपेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में टीम ने बस्ती में डेरा जमा रखा है। शमशेर अली के रिमांड की अपील कोर्ट में की गई है, कोर्ट ने सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तारीख दी है।
आरपीएफ के खुलासे में सामने आया था कि आईआरसीटीसी के सिस्टम में सेंध लगाकर ई-टिकटिंग के माध्यम से जिले के कप्तानगंज निवासी हामिद अशरफ ने साफ्टवेयर तैयार किया। इस साफ्टवेयर को किराए पर देकर हामिद ने अकूत कमाई की। जिसमें सहयोगी शमशेर व सलमान भी धन कमाते थे।
ई-टिकटिंग के इस अवैध धंधे का खुलासा होने के बाद हामिद अशरफ तो सामने नहीं आया, मगर उसने ऑडियो जारी कर सलमान व शमशेर को इस धंधे का सरगना बता दिया। हालांकि आरपीएफ के निशाने पर यह दोनों पहले से ही थे, मगर हामिद के खुलासे ने धंधे में इनकी मौजूदगी को और साफ कर दिया।
इनके खातों में एक साल में पांच करोड़ से अधिक का लेन-देन सामने आया। इनका नेटवर्क देश भर में फैला हुआ है। हालांकि शमशेर की तलाश इसी मामले को लेकर लंबे समय से मुंबई की आरपीएफ टीम को थी। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी होने के बाद कुर्ला आरपीएफ के एसआई अमित कुमार मय दलबल बस्ती पहुंचे हैं।
वे शमशेर की रिमांड के लिए अदालत में अर्जी लगा चुके हैं। 12 फरवरी को रिमांड पर सुनवाई के बाद न्यायालय अपना निर्णय देगी। आरपीएफ कुर्ला के सब इंसपेक्टर अमित कुमार ने कहा कि मुंबई आरपीएफ की टीम शमशेर को रिमांड पर लेने के लिए आई है। न्यायालय के आदेश के बाद उसे मुंबई ले जाया जा सकेगा।