गोरखपुर में कोरोना के मरीजों के लिए वैक्सीन रामबाण है। पांच हजार से ज्यादा संक्रमितों ने होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना को मात दी है। इनमें से 99 प्रतिशत मरीजों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि पहली और दूसरी लहर की तुलना में इस बार रिकवरी दर 83.17 प्रतिशत है, जबकि दोनों लहरों में रिकवरी दर 60 से 65 प्रतिशत के बीच थी।
बेअसर हो रहा है संक्रमण: कोरोना के मरीजों के लिए वैक्सीन रामबाण, रिकवरी दर 83 प्रतिशत से अधिक
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सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के मुकाबले इस बार तीसरी लहर का फैलाव ज्यादा तो है, लेकिन वायरस जानलेवा नहीं है। इसकी वजह कोरोनारोधी वैक्सीन है। वैक्सीन की वजह से शरीर को उतना नुकसान नहीं हो रहा है। यही कारण है कि लोग होम आइसोलेशन में रहकर आसानी से कोरोना को मात दे रहे हैं। अब तक पांच हजार से अधिक लोग घर पर ही रहकर कोरोना संक्रमण से मुक्ति पा ली है। दूसरी लहर में मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही थी, इस बार ऐसा नहीं है।
वैक्सीन की वजह से शरीर के अंदर नहीं पहुंच पा रहा वायरस
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि वैक्सीन की वजह से इस बार कोरोना का वायरस शरीर के ऐसे हिस्सों में नहीं पहुंच पा रहा है, जहां से शरीर को ज्यादा नुकसान हो। लोगों को हल्की सर्दी और जुकाम ही हो रहे हैं, जो आसानी से ठीक हो जा रहे हैं। वहीं पहली और दूसरी लहर में वायरस महज तीन से चार घंटे के अंदर फेफड़ों तक पहुंच जाता था। इस वजह से फेफड़ों को ज्यादा नुकसान होता था।
आठ दिनों की स्थिति
तिथि संक्रमितों की संख्या स्वस्थ लोगों की संख्या
25 जनवरी 267 390
26 जनवरी 238 292
27 जनवरी 147 235
28 जनवरी 191 335
29 जनवरी 181 256
30 जनवरी 105 265
31 जनवरी 72 145
एक फरवरी 116 273
सीएमओ डॉ.आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि गोरखपुर जिले में तीसरी लहर के दौरान संक्रमण की दर चार फीसदी से अधिक थी। मौजूदा समय में 2.17 फीसदी संक्रमण की दर है, लेकिन वैक्सीन की वजह से इस बार लोगों को खतरा कम हुआ है। जिन लोगों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी, उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ी। होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना को मात दी है। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है।