कोरोना मरीजों के मामले में लॉकडाउन पार्ट-4 के दौरान जिले की सुंदर तस्वीर पूरी तरह बिगड़ गई। लॉकडाउन बढ़ने के साथ ही ग्रीनजोन का रंग बदलता चला गया। सबसे अधिक कोरोना मरीज लॉकडाउन-4 में मिले हैं। हालांकि, इस दौरान विभाग ने स्वास्थ्य सेवाएं भी बढ़ाई हैं और निजी अस्पतालों को इमरजेंसी में इलाज की मंजूरी भी मिली।
2 of 6
gorakhpur Lockdown
- फोटो : अमर उजाला।
31 मई को लॉकडाउन-4 खत्म हो रहा है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इसके बाद सामान्य मरीजों की ओपीडी भी शुरू हो सकेगी। काफी रियायतों के साथ जीवन और आसान हो सकेगा। 23 मार्च को हुए पहले लॉकडाउन में मरीजों की संख्या न के बराबर थी।
3 of 6
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
दूसरे लॉकडाउन में महज तीन से चार पॉजिटिव मरीज थे। इसके बाद संख्या लगातार बढ़ती गई। लॉकडाउन तीन में संख्या अचानक बढ़कर 30 के आसपास आ गई। इसके बाद यह आंकड़ा लगातार बढ़ता गया, जो लॉकडाउन चार खत्म होते-होते 74 तक पहुंच गया। इनमें पांच मौत भी शामिल हैं।
4 of 6
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
यही नहीं लॉकडाउन चार में सबसे ज्यादा लोगों की जांचें भी हुई हैं और सबसे अधिक प्रवासी भी आए हैं। अब तक जिले में सवा लाख से अधिक प्रवासी आ चुके हैं। इनमें 93 हजार लोग क्वारंटीन और होम क्वारंटीन किए गए। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज की पूरी व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के पास है।
5 of 6
gorakhpur Lockdown
- फोटो : अमर उजाला।
सभी नर्सिंग होम और अस्पताल को मिली मंजूरी
सभी नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों को लॉकडाउन चार में इमरजेंसी में इलाज की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके अलावा 25 डेंटल कॉलेजों को भी मंजूरी दी गई है। सरकारी अस्पतालों में हड्डी रोग विभाग की ओपीडी भी इमरजेंसी में शुरू की गई है।