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मनीष हत्याकांड: सीबीआई के सामने दोस्त ने बयां की खौफनाक रात की दास्तान, कहा- खोज रहे थे सर्जरी रूम में, शव रखा था मोर्चरी में
Sat, 13 Nov 2021 01:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 13 Nov 2021 01:06 PM IST
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सीबीआई टीम व मनीष के दोस्त राणा प्रताप चंद।(इनसेट में मृतक की फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच करने आई सीबीआई के सामने मनीष के दोस्त राणा प्रताप चंद ने उस खौफनाक रात की दास्तान बयां की। राणा प्रताप ने बताया कि होटल में दोस्तों को छोड़कर जब मैं और चंदन घर लौट रहे थे तभी दरोगा अक्षय मिश्रा का फोन चंदन के मोबाइल पर आया। किसी अनहोनी की आशंका में हम फिर होटल पहुंचे। तब तक पुलिस मनीष को लेकर जा चुकी थी। खोजते-खोजते मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो पुलिस कर्मियों व डॉक्टरों ने बताया कि घबराने की बात नहीं है, मनीष सर्जरी रूम में है। जब हम सर्जरी रूम में पहुंचे तो पता चला कि मनीष की मौत हो चुकी है। उसका शव मोर्चरी में है।
बाएं सीबीआई जांच करती टीम, दाएं मनीष के दोनों दोस्त।
- फोटो : अमर उजाला।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ से आई टीम ने मनीष के स्थानीय दोस्तों राणा प्रताप चंद व चंदन से पूछताछ की। इन्हीं लोगों ने मनीष व उसके दोस्तों के लिए होटल कृष्णा पैलेस में कमरा बुक कराया था। घटना के बाद पुलिस ने सबसे पहले इन्हें ही फोन कर मनीष के विषय में पूछा था। सीबीआई ने सबसे पहले राणा प्रताप को पूछताछ के लिए बुलाया।
राणा प्रताप चंद
- फोटो : अमर उजाला
राणा प्रताप चंद ने सीबीआई टीम को बताया कि 27 सितंबर को गोरखपुर पहुंचे मनीष गुप्ता, हरदीप व प्रदीप को स्थानीय मित्र चंदन, राणा प्रताप, धनंजय यादव घुमा रहे थे। शाम सात बजे नौकायन पहुंचे तो वह बंद हो चुका था। इसके बाद एक होटल में गए और भोजन कर सभी होटल कृष्णा पैलेस लौटे। होटल से घर लौट रहे थे कि दरोगा अक्षय मिश्रा ने चंदन के मोबाइल पर फोन कर मनीष के बारे में पूछा।
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मनीष के दोस्त चंदन सैनी व राणा प्रताप चंद।
- फोटो : अमर उजाला।
पुलिस का फोन आने से घबराए चंदन व राणा प्रताप रास्ते से लौट आए। होटल पहुंचे तो पता लगा कि मनीष की हालत गंभीर है। उसे इलाज के लिए मानसी अस्पताल ले जाया गया है। मानसी अस्पताल पहुंचे तो पता लगा कि केस मेडिकल कॉलेज जा चुका है। मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो पता लगा कि सफेद रंग की एक गाड़ी से पुलिसकर्मी एक युवक को लेकर आए थे, लेकिन लौट गए। इसके बाद राणा प्रताप व चंदन ने सूचना डॉयल 112 को दी और होटल लौटने लगे। इस दौरान डॉयल 112 टीम ने चंदन से संपर्क किया। राणा प्रताप के मुताबिक वे लोग जब दुबारा मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने बताया कि मनीष का इलाज चल रहा है। करीब एक घंटे तक इंतजार के बाद जब हंगामा किया गया तब पुलिस कर्मियों ने कहा कि मनीष सर्जरी रूम में है। वहां जाने पर पता लगा कि मनीष की मौत हो चुकी है और उसे मोर्चरी में रखा गया है।
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मनीष के दोस्त।
- फोटो : अमर उजाला।
चंदन के मित्र हैं प्रदीप और हरदीप
बढ़यापार निवासी चंदन फिल्म निर्माण व रियल इस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। उनका दिल्ली और गुरुग्राम आना-जाना है। इसी दौरान चंदन की मित्रता गुरुग्राम निवासी हरदीप व प्रदीप से हो गई। चंदन के आग्रह पर दोनों मित्रों ने सितंबर में गोरखपुर घूमने का प्लान बनाया। वहां से चले तो कानपुर में वे लोग अपने मित्र मनीष के पास रुक गए। मनीष भी गोरखपुर घूमने को तैयार हो गया। इसके बाद मनीष, हरदीप व प्रदीप एक साथ गोरखपुर आ गए।
बढ़यापार निवासी चंदन फिल्म निर्माण व रियल इस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। उनका दिल्ली और गुरुग्राम आना-जाना है। इसी दौरान चंदन की मित्रता गुरुग्राम निवासी हरदीप व प्रदीप से हो गई। चंदन के आग्रह पर दोनों मित्रों ने सितंबर में गोरखपुर घूमने का प्लान बनाया। वहां से चले तो कानपुर में वे लोग अपने मित्र मनीष के पास रुक गए। मनीष भी गोरखपुर घूमने को तैयार हो गया। इसके बाद मनीष, हरदीप व प्रदीप एक साथ गोरखपुर आ गए।