अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन से पहले ही गोरक्षनगरी राममय होगी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पांच अगस्त को भूमि पूजन करेंगे तो गोरखपुर के देवस्थलों व घरों में भी दीप जलेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए देवालयों में अखंड रामायण का पाठ किया जाएगा।
राम मंदिर: अयोध्या में भूमि पूजन से पहले राममय रहेगी गोरक्षनगरी, ऐसे जगमग रहेगा पूरा शहर
आरएसएस व उसके वैचारिक संगठनों की समन्वय बैठक शुक्रवार को हुई। प्रांत संघचालक पृथ्वीराज सिंह, प्रांत कार्यवाह संजीत गुप्त, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संगठन मंत्री प्रदीप पांडेय, बजरंग दल के सह प्रांत संयोजक दुर्गेश त्रिपाठी और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह इसमें शामिल हुए। तय हुआ कि पांच अगस्त को हर घर में दीपक जलाए जाएंगे।
सभी चौराहों व घरों को सजाया जाएगा। लोग अपने-अपने घरों में संकीर्तन करेंगे। मंदिरों को सजा कर रामधुन का उद्घोष किया जाएगा। शहरवासी छतों पर खड़े होकर श्रीराम जय राम जय जय राम...का जाप करेंगे। यह सब कार्य शाखा स्तर तक होगा। इसके लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नियमों का पालन करते हुए घरों पर रहकर सभी खुशी का इजहार करेंगे।
आरएसएस के पदाधिकारियों ने कहा कि पांच अगस्त का दिन हम सभी के लिए विशेष है। हमारी आस्था के प्रतीक भगवान श्रीराम के जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। नींव पूजन प्रधानमंत्री खुद कर रहे हैं।
देवालयों में अखंड रामायण का पाठ
गोरखनाथ मंदिर, मान सरोवर मंदिर, काली बाड़ी मंदिर और गोरखनाथ थाने के पास स्थित हनुमान मंदिर को सजाया जाएगा। गोरखनाथ मंदिर में तीन अगस्त से ही अखंड रामायण का पाठ होगा। भव्य दीपोत्सव भी किया जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर कि सचिव द्वारिका तिवारी के मुताबिक तीन से पांच अगस्त की शाम पांच बजे तक अखंड रामायण का पाठ होगा। चार और पांच अगस्त की शाम दीपोत्सव होगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। कई सौ साल से रामलला की जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण के लिए हिंदू जनमानस उम्मीद लगाए बैठा था। अब करोड़ों देशवासियों की मुराद पूरी होने जा रही है।