गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात शुक्रवार को दूसरे दिन भी बंद रहा। आमी नदी के बढ़ते जलस्तर से शुक्रवार को सुबह प्रशासन ने गोरखपुर वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 29 पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है। कौड़ीराम से कसिहार के बीच में सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ने के कारण इस मार्ग को यातायात शुक्रवार से ही रोक दिया गया है।
बाढ़ का कहर: दूसरे दिन भी बंद रहा गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग, रोके गए भारी वाहन
गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात शुक्रवार को दूसरे दिन भी बंद रहा।
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कौड़ीराम-कसिहार के बीच सड़क पर फैला पानी
राप्ती नदी के लगातार बढ़ते रहने के कारण आमी नदी का भी जलस्तर बढ़ने लगा था। उसने अपने जद में सैंकड़ों गांवों को ले लिया। कौड़ीराम के पास सोहगौरा के पास राप्ती नदी में जाकर मिलती है, लेकिन राप्ती नदी के ऊफनाए होने के कारण उसका पानी राप्ती में नहीं जा पा रहा है। इससे आमी नदी लगातार फैलती जा रही थी। स्थिति यह हो गई कि कौड़ीराम-कसिहार के बीच में उसका पानी फैलने लगा। एनएचएआई के द्वारा वहां पर मिट्टी का बांध बनाकर पानी को सड़क पर आने से रोकने का भरसक प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सड़क पर कई किलोमीटर पानी भर गया।
छताई पुल के आगे मंझरिया मोड़ पर भी आया पानी
शनिवार को छताई पुल के आगे मंझरिया मोड़ के करीब आधी सड़क पर आमी नदी का पानी आ गया। इसकी वजह से लोडेड भारी वाहनों को रोक दिया गया। जबकि रोडवेज की बसें और प्राइवेट बसों की आवाजाही जारी रही। अभी बारिश थमी है। आमी नदी भी स्थिर है। अन्य नदियों का जलस्तर नीचे आ रहा है। यह राहत की बात है। यदि नदी का जलस्तर बढ़ेगा और बारिश होगी तो यह रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। मार्ग परिवतर्तित होने के कारण खजनी-गोरखपुर मार्ग पर ट्रैफिक अधिक हो गया है। इस वजह से इस मार्ग पर सुबह से शाम तक जाम लग रहा है।
दहशत में जी रहे हैं मलाव गांव के ग्रामीण
राप्ती नदी का जलस्तर स्थिर रहने के बाद भी बेला मलाव बंधे पर रिसाव जारी है। आलम यह था कि शुक्रवार की देर रात बेला-मलाव बंधे पर मधुरिया बीर बाबा मंदिर के पास तेज रिसाव होने लगा। पानी निकलता देख रखवाली कर रहे ग्रामीणों की नजर पड़ी ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर कई गांव के ग्रामीण मौके पर जुट गए। प्रशासन व स्थानीय ग्रामीणों की मदद से लगभग तीन घंटे कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह रिसाव को बंद किया गया। रिसाव की खबर सुन बेला, मलाव, देवकली, घनसही, सोनवापार, मझिगावा, कनईल आदि गांव के ग्रामीण भयभीत हो गए।
उधर, कसिहार स्थित आमी नदी से होकर गुजरने वाले कनईल-मलाव बंधे पर शनिवार को सुबह 10:30 बजे एकाएक बंधे में दरार आ गया, जिसपर रखवाली कर रहे ग्रामीणों की नजर पड़ी तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों की मदद से हो रहे रिसाव पर किसी तरह काबू पाया।
वहीं, गोरखपुर वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 29 पर यातायात अभी भी प्रभावित है। आमी नदी के बढ़ते जलस्तर से शुक्रवार को सुबह प्रशासन ने गोरखपुर वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 29 पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है। कसिहार स्थित तीनतखा पुल से बगहा बीर बाबा मंदिर के पास तक पानी अभी भी सड़क पर लगा है, जिस वजह से यातायात को बंद करना पड़ा। बावजूद उसके बाइक सवार कुछ लोग जान जोखिम में डालकर आ जा रहे हैं आलम यह है कि कई बाइक सवार युवक नकबैठा पुल के पास गिरकर चोटिल भी हो जा रहे हैं बावजूद इसके अपनी आदत से गुरेज नहीं आ रहे हैं।