गोरखपुर जनपद में बहने वाली सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने लगा है। बीस दिनों सेलगातार बढ़रहा राप्ती का जलस्तर शनिवार से नीचे आना शुरू हो गया। इससे लोग राहत की सांस ले रहे हैं। हालांकि उसके घटने की रफ्तार धीमी है। वह अब भी खतरे के निशान से 2.22 मीटर ऊपर बह रही है। बीते 24 घंटे में राप्ती का जलस्तर 12 सेमी कम हुआ है। उसका खतरा पहले की तरह बरकरार है। इसके अलावा घाघरा के घटने का क्रम जारी है। रोहिन नदी घट रही पर वह अब भी खतरे के निशान से 1.19 मीटर ऊपर है। गोर्रा 1.55 पर स्थिर है।
बाढ़ से राहत: 24 घंटे में 12 सेमी कम हुआ गोरखपुर में राप्ती का जलस्तर, बांधों पर तेज हुई निगरानी
बीते 20 दिनों से जनपद में बहने वाली सभी प्रमुख नदियां उफान पर थीं। इससे ढाई लाख की आबादी बाढ़ के पानी से घिर गई। कई प्रमुख मार्ग बंद कर दिए गए।
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बांधों पर लगातार सिपेज होने से यह भय बना हुआ है कि कहीं कोई बांध टूट न जाए। पानी से घिरे गांवों में बाढ़ राहत का कार्य जारी है। हर किसी की निगाह नदियों के जलस्तर पर टिका था। लोग यह पता कर रहे थे कि 1998 के निशान से राप्ती कितना नीचे रह गई है। शनिवार को केंद्रीय जल आयोग की जो रिपोर्ट आई वह थोड़ी राहत देने वाली थी कि राप्ती नीचे की तरफ आने लगी है। हालांकि सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक उसके जलस्तर में 1 सेमी की कमी आई है। यह स्थिति ठीक नहीं है।
वैसे घाघरा नदी खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर रह गई है। यह माना जाता है कि जब घाघरा घटेगी तो राप्ती का जलस्तर घटेगा। क्योंकि राप्ती नदी पटना घाट के पास घाघरा में जाकर मिल जाती है। घाघरा के घटने का क्रम जारी है। रोहिन नदी प्रति घंटा एक सेमी की रफ्तार से घट रही है। गोर्रा नदी का जलस्तर स्थिर है। वह खतरे के निशान से 1.55 सेमी पर स्थिर है।
बाढ़ खंड 2 के अधिशासी अभियंता रुपेश कुमार खरे ने कहा कि नदियों का जलस्तर नीचे आ रहा है पर तटबंधों पर सतत निगरानी जारी है। हर जगह बंधों पर सिपेज हो रहा है। एक जगह हो रहा है तो उसे बंद कराया जा रहा है। फिर दूसरी जगह हो रहा है। सिपेज होने और बंद होने का क्रम जारी है। विभाग के कर्मचारी और अभियंता दिन रात बांधों पर जमें हैं। स्थिति विकट पर नियंत्रण में है।
राप्ती नदी- गोरखपुर सुबह 77.210 शाम को 77.200 खतरे का निशान 74.980
घाघरा- अयोध्या सुबह 92.950 शाम 92.880 खतरे का निशान 92.730
रोहिन- तिनमुहानी सुबह 83.588 शाम 83.630 खतरे का निशान 82.440
गोर्रा- पिड़रा सुबह -शाम 72.050 खतरे का निशान 70.500