कोरोना वायरस के जिस संक्रमण से बचने के लिए पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन का इतना बड़ा निर्णय लेना पड़ा, उसपर शहर के कई लोग अपनी नासमझी से पानी फेर दे रहे। उन्हें न तो अपने जान की फिक्र है और न ही अपनों और समाज के दूसरे लोगों की। 21 घंटे घर में रहने का जतन महज 3.30 घंटे में फेल हो जा रहा है। सब्जी-फल, दूध और दवा के नाम पर लोग तफरी मार रहे। जो काम घर का एक व्यक्ति कर सकता है उसके लिए महिलाएं, बच्चे, बड़े-बूढ़े सब घर से निकल ले रहे। मानो पिकनिक मनाने निकले हों।
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गोरखपुर लॉकडाउन।
- फोटो : अमर उजाला
शासन-प्रशासन ने जरूरी सामानों के लिए सुबह छह से 9.30 बजे तक की छूट विषम परिस्थितियों में लोगों के सहूलियत के लिए दी है। मगर शहर के तमाम इलाकों का नजारा देख कर लग रहा है कि एक दिन सब्जी नहीं खाएंगे, दूध नहीं पीएंगे तो मर ही जाएंगे। बुधवार की सुबह का नजारा तो ऐसा ही था। घोषकंपनी, दाउदपुर, घंटा घर, रेती, असुरन, मोहद्दीपुर, राप्तीनगर में सब्जी और दवा की एक-एक दुकानों पर 50 से 70 लोग एक-दूसरे को धक्का देते नजर आए। एक मीटर की दूरी तो दूर लोगों ने अपने चेहरे पर मास्क या फिर उसे रूमाल से ही ढ़क लेना भी लोग जरूरी नहीं समझ रहे।
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गोरखपुर लॉकडाउन।
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फल मंडी, छात्र संघ चौराहा, बक्शीपुर, सूरजकुंड समेत तमाम इलाकों में इंडेन, एचपी और भारत गैस की एजेंसियों और गोदामों पर गैस के लिए लोगों की लंबी कतारे लगी रहीं। एजेंसी संचालक एक-एक मीटर की दूरी बनाए रखने के लिए हाथ जोड़ते नजर आए लेकिन किसी को कोई फिक्र नहीं।
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गोरखपुर लॉकडाउन।
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गैस संचालकों ने ऑयल कंपनी के अफसरों से लगाई गुहार
रसोई गैस एजेंसी के संचालकों का कहना है कि इस भीड़ से बचने के लिए होम डिलिवरी ही एक मात्र उपाय है मगर पुलिस, हॉकरों की पिटाई कर दे रही। संचालकों ने इस समस्या को आईओसी समेत अपनी ऑयल कंपनियों के अफसरों से भी साझा करते हुए हॉकरों को पास दिलाने की मांग की है ताकि गैस की सप्लाई सीधे लोगों के घरों पर ही की जाए। इससे लोगों को तो सहूलयित होगी ही संक्रमण का भी भय नहीं रहेगा।
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गोरखपुर के डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि जब बहुत जरूरी हो तो ही घरों से निकलें। लोगों की सहूलियत के लिए मोहल्लों तक सब्जी की गाड़ियां भेजवाई जा रही हैं। भीड़ न एकत्रित हो इसलिए दूरी बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। गाड़ियों की संख्या और बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। लोगों को समझना होगा कि शासन-प्रशासन लॉक डाउन समेत ये सारी कवायद उन्हीं की सुरक्षा के लिए कर रहा है। समझदारी दिखाएं, खुद सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।