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गोरखपुर के इस कुख्यात बदमाश ने बंदूक के बल पर बदल दी थी रेलवे की ठेकेदारी, यहां पढ़िए इसके 'खूनी खेल' की कहानी

Tue, 23 Jun 2020 08:51 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 23 Jun 2020 08:51 AM IST
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Gorakhpur famous gangster shri prakash shukla special story
श्रीप्रकाश शुक्ला की फाइल फोटो। - फोटो : Social Media

आज हम आपको गोरखपुर के कुख्यात बदमाश श्रीप्रकाश शुक्ला के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसने बंदूक के दम पर रेलवे की ठेकेदारी बदल कर रख दी थी। बात 13 जून 1998 की है। पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज करा रहे बिहार सरकार के पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की कुख्यात शूटर श्रीप्रकाश शुक्ला ने बड़े ही नाटकीय अंदाज में हत्या कर दी थी।

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श्रीप्रकाश शुक्ला। (File Photo) - फोटो : सोशल मीडिया।

श्रीप्रकाश दो दिन से मरीज बनकर अस्पताल में जाकर रेकी करता रहा और घटना के दिन उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बाहर से ताबड़तोड़ फायरिंग करा दी। गोलियों की आवाज सुनकर बृज बिहारी के अंगरक्षक दौड़कर बाहर गेट की तरफ पहुंचे।

उधर, अकेले पाकर श्रीप्रकाश ने बृज बिहारी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस हत्या के बाद यूपी और बिहार के माफियाओं में सिर्फ एक नाम गूंजने लगा श्रीप्रकाश शुक्ला।

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Sri prakash Shukla - फोटो : सोशल मीडिया।

यह, वह दौर था जब रेलवे के ठेके में 22 वर्ष के पेशेवर शूटर बन चुके श्रीप्रकाश शुक्ला ने एंट्री मारी थी और उसे शह मिली थी, मोकामा, बिहार के माफिया सूरजभान ‘दादा’ का। श्रीप्रकाश और ‘दादा’ की जोड़ी ने बाहुबली वीरेंद्र प्रताप शाही और बाहुबली हरिशंकर तिवारी के साम्राज्य को काफी चोट पहुंचाई।

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Sri prakash Shukla - फोटो : अमर उजाला।

श्रीप्रकाश के नाम से बड़े-बड़े सूरमा अंडरग्राउंड हो गए या खुद को रेलवे ठेके से दूर कर लिया। हत्या, अपहरण, फिरौती आम बात हो गई। यह समय रेलवे अफसरों के लिए कठिन था। श्रीप्रकाश का दौर करीब चार सालों तक चला। श्रीप्रकाश के एनकाउंटर के बाद भी खूनी खेल का सिलसिला थमा नहीं। बंदूक की नाल के दम पर ठेके हथियाने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा।

उस समय में श्रीप्रकाश शुक्ला के सामने कोई शख्स रेलवे का टेंडर भी नहीं डाल पाता था। रेलवे का टेंडर लेना मतलब मौत को गले लगाना था। श्रीप्रकाश ने बंदूक की नोक पर रेलवे का ठेका अपने नाम करवा लेता था।

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श्रीप्रकाश शुक्ला (file)। - फोटो : अमर उजाला।

श्रीप्रकाश वसूलता था गुंडा टैक्स
ठेका डालने के विवाद में विकास की हत्या में आरोपित बृजेश सिंह बताते हैं कि रेलवे में ठेके को लेकर एक बात चलती थी, जिसका पौव्वा जितना भारी, ठेका भी उतना ज्यादा। लेकिन, कुख्यात माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला के दखल के बाद यह ट्रेंड बदल गया।

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