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विद्यार्थी आईएएस बनें या डॉक्टर... सबसे पहले अच्छे इंसान बनें : एयर चीफ मार्शल
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गोरखपुर। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि देश की सेवा केवल वर्दी पहनकर ही नहीं की जा सकती। आप जहां हैं, वहीं अपना काम ईमानदारी और पूरी जिम्मेदारी से करें। विद्यार्थी आईएएस बनें या डॉक्टर लेकिन सबसे पहले अच्छे इंसान बनें।
टैक्स देने से आगे बढ़कर भी देश के लिए कुछ करने का प्रयास करें। देश में अच्छा या बुरा जो कुछ होगा उसके लिए आने वाली पीढ़ी ही जिम्मेदार होगी। युवा देश का भविष्य हैं और बड़े होकर उन्हें ही देश चलाना है।
बृहस्पतिवार को साखी माथाबारी में रामाश्रय ग्राम सेवा संस्थान की ओर से संचालित गुरुकुल सरस्वती विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को समर्पित डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे छात्राओं के लिए उपयोगी बताया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने जीवन में सही दिशा चुनने की सीख दी। कहा कि गिरना गलत नहीं है लेकिन गिरकर न उठना गलत है। मंजिल पाने के लिए सही दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि नंबर से अधिक ज्ञान महत्वपूर्ण है। जब तक कोई बात समझ में न आए तब तक शिक्षक से सवाल करते रहें। माता-पिता अक्सर जानते हैं कि बच्चों के लिए क्या बेहतर है इसलिए उनकी बात सुननी चाहिए। विद्यार्थियों से कहा कि अभी उनका मुख्य काम पढ़ाई करना है। वे जिस क्षेत्र में हैं उसमें बेहतर काम करें। अपने जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन वायुसेना प्रमुख बन गए। शायद आज वह इसी भूमिका में अधिक खुश हैं।
बच्चों को बेहतर संस्कार दें अभिभावक
उन्होंने कहा कि कर्म को पूजा मानकर जिम्मेदारी निभाएं। देश की नींव मजबूत होगी तो उसे कोई आसानी से हिला नहीं सकेगा। उन्होंने बड़ों से बच्चों में संस्कार डालने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि परिवार के साथ जैसा व्यवहार करते हैं वैसा ही व्यवहार पड़ोसियों के साथ भी करें। सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि आज जो बोलने की आजादी मिली है उसके लिए लोगों ने त्याग किया है। इसलिए स्वतंत्रता और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना जरूरी है।
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टैक्स देने से आगे बढ़कर भी देश के लिए कुछ करने का प्रयास करें। देश में अच्छा या बुरा जो कुछ होगा उसके लिए आने वाली पीढ़ी ही जिम्मेदार होगी। युवा देश का भविष्य हैं और बड़े होकर उन्हें ही देश चलाना है।
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बृहस्पतिवार को साखी माथाबारी में रामाश्रय ग्राम सेवा संस्थान की ओर से संचालित गुरुकुल सरस्वती विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को समर्पित डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे छात्राओं के लिए उपयोगी बताया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने जीवन में सही दिशा चुनने की सीख दी। कहा कि गिरना गलत नहीं है लेकिन गिरकर न उठना गलत है। मंजिल पाने के लिए सही दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि नंबर से अधिक ज्ञान महत्वपूर्ण है। जब तक कोई बात समझ में न आए तब तक शिक्षक से सवाल करते रहें। माता-पिता अक्सर जानते हैं कि बच्चों के लिए क्या बेहतर है इसलिए उनकी बात सुननी चाहिए। विद्यार्थियों से कहा कि अभी उनका मुख्य काम पढ़ाई करना है। वे जिस क्षेत्र में हैं उसमें बेहतर काम करें। अपने जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन वायुसेना प्रमुख बन गए। शायद आज वह इसी भूमिका में अधिक खुश हैं।
बच्चों को बेहतर संस्कार दें अभिभावक
उन्होंने कहा कि कर्म को पूजा मानकर जिम्मेदारी निभाएं। देश की नींव मजबूत होगी तो उसे कोई आसानी से हिला नहीं सकेगा। उन्होंने बड़ों से बच्चों में संस्कार डालने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि परिवार के साथ जैसा व्यवहार करते हैं वैसा ही व्यवहार पड़ोसियों के साथ भी करें। सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि आज जो बोलने की आजादी मिली है उसके लिए लोगों ने त्याग किया है। इसलिए स्वतंत्रता और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना जरूरी है।