गोरखपुर जिले की 300 एएनएम अबतक 12.93 लाख से अधिक लोगों को कोरोना से बचाव के लिए टीके लगा चुकी हैं। कोविड टीकाकरण में अंग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ता एएनएम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले की 300 एएनएम ने अब तक 12.93 लाख से अधिक टीके लगाए हैं। सामान्य टीकाकरण की तुलना में कोविड टीकाकरण के दौरान एएनएम तीन गुना अधिक योगदान दे रही हैं। इस बीच लाभार्थी फोटो खींचने का दबाव बनाते हैं और कई बार अनर्गल टिप्पणियां भी करते हैं, इसके बाद भी वे अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट रहीं।
गोरखपुर: 300 एएनएम ने लगाए 12.93 लाख से अधिक टीके, इनके काम को जानकर करेंगे सलाम
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भटहट सीएचसी पर तैनात एएनएम प्रियंका ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। टीका लगाते-लगाते हाथों और अंगुलियों में दर्द होने लगता है। भीड़ का इतना दबाव रहता है कि टीकाकरण के दौरान ब्रेक लेने का भी मौका नहीं मिलता। बहुत से लाभार्थी फोटो खींचने का दबाव बनाते हैं और अनावश्यक टिप्पणियां भी करते हैं।
इसके बावजूद प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सेवा दी जाए। लोगों से अपेक्षा है कि वह केंद्र पर कोविड नियमों का पालन अवश्य करें। इसके साथ एएनएम के साथ भेदभाव का बर्ताव न करें।
जिला अस्पताल के टीकाकरण बूथ की एएनएम वर्तिका ने बताया कि रोजाना करीब 500 लोगों का टीका लगाना पड़ रहा है। इन सबके बीच परिवार की सुरक्षा मास्क और हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। घर जाने पर नहाने के बाद ही परिवार के लोगों के बीच जाना दिनचर्या में शामिल हो गया है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने कहा कि कोविड टीकाकरण कार्यक्रम में एएनएम की भूमिका सराहनीय है। कठिन परिश्रम के साथ वे लोगों को सेवाएं दे रही हैं। जनता का भी यह कर्तव्य है कि वह इनके साथ अच्छा व्यवहार करें। टीकाकरण के दौरान फोटो खींचने का दबाव न बनाएं और अपनी बारी आने पर ही टीका लगवाएं।