दिल्ली, महाराष्ट्र, पंजाब समेत अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में शनिवार की शाम से लेकर रविवार की देर रात तक आए लोगों को पहले 14 दिन क्वारंटीन किया जाएगा। इसके लिए देहातों में विद्यालय, पंचायत व सामुदायिक भवनों में इंतजाम किया गया है। गांव में अपने घरों में पहुंचने के पहले लोगों का इन स्थानों पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और फिर उन्हें वहीं ठहरने का इंतजाम किया जा रहा है।
बाहर से कमाकर घर आए लोगों को अपने ही नहीं दे रहे हैं जगह, जानें क्या है खास वजह
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जिला प्रशासन का कहना है कि बाहर से जो भी लोग आए हैं उनका स्वास्थ्य भले ही ठीक हो लेकिन एहतियातन 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा। इसके बाद ही वे लोग अपने घरों को जा सकेंगे।
दरअसल बाहर से आए ज्यादातर लोग ग्रामीण क्षेत्र केे हैं इसलिए वहीं इंतजाम करने पर जोर है ताकि लोग अपने गांव-घर के पास रहें। दो दिनों में 10 हजार से अधिक लोगों के बाहर से जिले में आने की उम्मीद है।
क्वारंटीन के दौरान लोगों केे किसी तरह की दिक्कत न हो इसलिए डीएम के निर्देश पर सीडीओ और डीपीआरओ की तरफ से संबंधित स्कूलो, पंचायत और सामुदायिक भवनों में उनके रहने, खाने-पीने, सोने के साथ ही नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की जा रही है।
डीएम ने ऐसे सभी स्थानों पर प्रत्येक चार से छह घंटे पर सैनेटाइजेशन कराने का भी निर्देश दिया है। ऐसे सभी स्थानों पर दो-दो वालंटियर तैनात करने का निर्देश दिया है ताकि आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में उस स्थान की निगरानी की जा सके। क्वारंटीन किए गए लोगों के पास गांव का कोई भी व्यक्ति नहीं जा सकेगा।
घर वाले तैयार तो चौके का खाना भी मिलेगा
क्वारंटीन किए गए लोगों में से अगर कोई व्यक्ति घर का खाना, खाना चाहता हो तो उसके लिए घर से लाया गया खाना उन तक वालंटियर्स पहुंचाएंगे। यदि उनका कोई व्यक्तिगत खाने का इंतेजाम नहीं है तो प्रधान , सचिव, कोटेदार और लेखपाल द्वारा संयुक्त रूप से भोजन का इंतेजाम किया जाएगा। साथ ही उनको खाना किसी पत्तल या डिस्पोजल में दिया जाएगा तथा प्रयोग के बाद उसे दफना दिया जाएगा।
ऐसे हर व्यक्ति को स्वच्छता किट दी जाएगी जिसमें मॉस्क, सैनिटाइजर और साबुन तथा जागरुकता का पंफलेट रहेगा। इनकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को देकर नियमित अंतराल पर जांच करवाने की जिम्मेदारी सम्बन्धित सचिव और प्रधान की होगी। 14 दिन बाद क्वारंटीन में इस्तेमाल बिस्तर दफना दिए जाएंगे।
कई जांच के बाद पहुंच गए घर
जब तक प्रशासन सक्रिय होता बाहर से आए कई लोग अपने घर भी पहुंच गए। हालांकि सभी का बस स्टेशन पर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। सीडीओ हर्षिता माथुर का कहना है कि जो लोग स्वस्थ थे उनमें से कुछ घर चले गए मगर उन्हें भी उनके घर में क्वारंटीन किया जा रहा है। उनके घरों के बाहर जागरूकता के लिए क्वारंटीन किए जाने संबंधी पोस्टर भी लगाए जा रहे हैं तो गांव के दूसरे लोग वहां न जाएं और क्वारंटीन का पूरी तरह पालन हो सके।