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Gorakhpur News: करोड़ों की ठगी में सुकांता की पत्नी शालिनी गिरफ्तार
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गोरखपुर। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा से जुड़ी कंपनी में निवेश कराने और दो साल में 100 गुना मुनाफा देने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में रामगढ़ताल पुलिस ने सुकांता सुब्रत बनर्जी की पत्नी शालिनी नास्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और दर्ज प्राथमिकी में मिली भूमिका के आधार पर कोलकाता के अर्वन एनआरआई आनन्दपुर निवासी शालिनी को पकड़ा। यह वर्तमान में गोपाल लाल ठाकुर रोड बड़ानगर कोलकाता में रहती थी। इस मामले में सुकांता को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भिजवा चुकी है। अब उसके अन्य साथियों की भूमिका और ठगी के नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, शालिनी नास्कर पर अपने पति सुकांता बनर्जी और उसके साथियों के साथ मिलकर लोगों को कंपनी में निवेश करने के लिए तैयार करने का आरोप है। निवेश की रकम पर दो साल में करीब 100 गुना लाभ दिलाने का लालच दिया गया। इसी झांसे में रामगढ़ताल के बड़गो निवासी ठेकेदार विभव धर दूबे से करीब 30 लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो लाभ मिला और न रकम वापस की गई। इस संबंध में मिली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच में शालिनी नास्कर की भूमिका सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि सुकांता की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नासा और पीएमओ के फर्जी दस्तावेज दिखाकर जुटाए लाखों : रामगढ़ताल के बड़गो निवासी ठेकेदार विभव धर दूबे ने रामगढ़ताल थाने में शिकायत दी थी। उनके मुताबिक, अगस्त 2009 में उनकी मुलाकात लखनऊ निवासी अमित कुमार नंदी और कोलकाता निवासी सुकांता बनर्जी से हुई थी। सुकांता ने खुद को नासा से संबद्ध वैज्ञानिक परियोजना का चीफ कोऑर्डिनेटर बताया। उसने दुर्लभ रेडियोधर्मी धातुओं और अंतरिक्ष उपकरणों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय परियोजना में निवेश का प्रस्ताव दिया। विश्वास में लेने के लिए सुकांता ने नासा, प्रधानमंत्री कार्यालय, रिजर्व बैंक और एक्सिस बैंक के कथित प्रमाणपत्र व लेटरहेड दिखाए।
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इसके बाद ठेकेदार ने 30 लाख रुपये निवेश कर दिए। रकम सुकांता बनर्जी, चंडीचरण अधिकारी और शालिनी नास्कर को दिए जाने का आरोप है। लखनऊ, कानपुर और देवरिया तक फैला नेटवर्क: जांच में पुलिस को पता चला कि सुकांता के खिलाफ गोरखपुर में तीन और देवरिया में पांच प्राथमिकी दर्ज हैं। लखनऊ, कानपुर और कोलकाता में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश के मामले दर्ज हैं। लखनऊ के महानगर थाने में वर्ष 2019 में दर्ज जालसाजी की प्राथमिकी में उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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पुलिस के मुताबिक, शालिनी नास्कर पर अपने पति सुकांता बनर्जी और उसके साथियों के साथ मिलकर लोगों को कंपनी में निवेश करने के लिए तैयार करने का आरोप है। निवेश की रकम पर दो साल में करीब 100 गुना लाभ दिलाने का लालच दिया गया। इसी झांसे में रामगढ़ताल के बड़गो निवासी ठेकेदार विभव धर दूबे से करीब 30 लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो लाभ मिला और न रकम वापस की गई। इस संबंध में मिली तहरीर के आधार पर प्राथमिकी कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच में शालिनी नास्कर की भूमिका सामने आने के बाद उसकी गिरफ्तारी की गई। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि सुकांता की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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नासा और पीएमओ के फर्जी दस्तावेज दिखाकर जुटाए लाखों : रामगढ़ताल के बड़गो निवासी ठेकेदार विभव धर दूबे ने रामगढ़ताल थाने में शिकायत दी थी। उनके मुताबिक, अगस्त 2009 में उनकी मुलाकात लखनऊ निवासी अमित कुमार नंदी और कोलकाता निवासी सुकांता बनर्जी से हुई थी। सुकांता ने खुद को नासा से संबद्ध वैज्ञानिक परियोजना का चीफ कोऑर्डिनेटर बताया। उसने दुर्लभ रेडियोधर्मी धातुओं और अंतरिक्ष उपकरणों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय परियोजना में निवेश का प्रस्ताव दिया। विश्वास में लेने के लिए सुकांता ने नासा, प्रधानमंत्री कार्यालय, रिजर्व बैंक और एक्सिस बैंक के कथित प्रमाणपत्र व लेटरहेड दिखाए।
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इसके बाद ठेकेदार ने 30 लाख रुपये निवेश कर दिए। रकम सुकांता बनर्जी, चंडीचरण अधिकारी और शालिनी नास्कर को दिए जाने का आरोप है। लखनऊ, कानपुर और देवरिया तक फैला नेटवर्क: जांच में पुलिस को पता चला कि सुकांता के खिलाफ गोरखपुर में तीन और देवरिया में पांच प्राथमिकी दर्ज हैं। लखनऊ, कानपुर और कोलकाता में भी उसके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश के मामले दर्ज हैं। लखनऊ के महानगर थाने में वर्ष 2019 में दर्ज जालसाजी की प्राथमिकी में उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।