उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले की सात साल की दुष्कर्म पीड़िता के इलाज और पुलिस की ओर से की गई लापरवाही का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। खड्डा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की शिकायत करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
2 of 5
मुख्यमंत्री योगी व विधायक जटाशंकर त्रिपाठी।(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक ने बताया है कि कुशीनगर में हुई घटना की वजह से मानवता शर्मसार हुई है। सात साल की मासूम के साथ दुष्कर्म हुआ। इसके बाद उसके इलाज में घोर लापरवाही बरती गई। खून से लथपथ खेत में मिली बेटी के इलाज के लिए पिता बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर आए तो करीब छह घंटे तक इधर से उधर दौड़ाया गया।
3 of 5
बीआरडी मेडिकल कॉलेज।(इनसेट में घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस)
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी के डॉक्टरों ने मेडिकोलीगल का हवाला देते हुए छह घंटे तक भर्ती नहीं किया। इस तरह मासूम को समय से इलाज नहीं मिल सका। जबकि ऐसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय का आदेश है कि डॉक्टर पहले मरीज का इलाज करें फिर मेडिको लीगल की कार्रवाई करें। इस मामले में न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर दिया गया। इतना ही नहीं इलाज के बाद मासूम के पिता से बाहर से दवाएं मंगाई गईं।
4 of 5
बीजेपी विधायक जटाशंकर त्रिपाठी।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह सभी चिकित्सा संस्थानों को ऐसी गंभीर स्थिति में सर्वप्रथम पीड़िता को भर्ती कर इलाज करने के लिए शासनादेश जारी करें, जिससे मेडिकोलीगल के नाम पर किसी भी पीड़ित का इलाज रुक न सके। साथ ही प्रकरण में सभी दोषियों के खिलाफ जांच व कार्रवाई भी की जाए।
5 of 5
घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
ये हुआ था
जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में सात साल की मासूम का 29 जनवरी की रात उस वक्त अपहरण कर लिया गया था, जब वह रोटी खाती हुई घर से निकली थी। उसे गांव के बाहर एक खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया गया। इससे मासूम बेहोश हुई, तो पुआल के नीचे दबा दिया गया। देर रात मासूम खून से लथपथ मिली थी।