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श्रीप्रकाश शुक्ला की तरह पूर्वांचल का डॉन बनाना चाहता था ये बदमाश, ऐसे हुआ था काम तमाम

Mon, 08 Feb 2021 04:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 08 Feb 2021 04:37 PM IST
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Miscriants panne yadav encounter story with Shri Prakash shukla
panna yadav - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर का डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला का नाम तो हर कोई जानता है लेकिन पन्ना यादव को कम ही लोग जानते हैं। बता दें कि एसटीएफ ने बीते साल जुलाई 2020 में एक एनकाउंटर में उसका काम तमाम कर दिया है। बताया जाता है कि पन्ना यादव अपराध की दुनिया में पूर्वांचल के अपराधी श्रीप्रकाश शुक्ला जैसी धमक बनाना चाहता था। पुलिस को उसकी तलाश करीब 28 सालों से थी। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए इसकी रोचक कहानी...


 
 

Miscriants panne yadav encounter story with Shri Prakash shukla
panna yadav - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के मंगलपुर गांव के बहुडिहवा टोला निवासी पन्ना यादव ने साल 1992 में एक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और इस घटना के बाद अपराध की दुनिया में उतर गया। उसने सबसे पहले अपना एक गिरोह बनाया और गोरखपुर-महराजगंज जिलों में ताबड़तोड़ लूट की घटनाओं से सनसनी फैला दी।

Miscriants panne yadav encounter story with Shri Prakash shukla
panna yadav encounter - फोटो : अमर उजाला।

बताया जाता है कि पन्ना मनैतापार टोले में शादी कर, अपने ससुराल में ही रहता था। उसके बाद 1992 में उसने एक महिला के साथ दुष्कर्म किया। महिला द्वारा उसके खिलाफ गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इस घटना के बाद वह चर्चा में आ गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया।

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Miscriants panne yadav encounter story with Shri Prakash shukla
panna yadav encounter - फोटो : अमर उजाला।

जेल से भागने के बाद पन्ना घर लौटा और फिर उसने एक-एक कर बदमाशों की फौज तैयार कर ली। वह संतोष पांडेय, बबलू यादव, इंद्रपाल सिंह, नागेंद्र चौधरी, श्यामसुंदर, पिंटू और तेज प्रताप को साथ जोड़ कर आपराधिक घटनाएं करने लगा। ताबड़तोड़ लूट की घटनाएं कर वह पुलिस को लगातार चुनौतियां देने लगा।
 

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Miscriants panne yadav encounter story with Shri Prakash shukla
श्रीप्रकाश शुक्ला की फाइल फोटो (बंदूक की सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला।

पन्ना जब लूटपाट कर रहा था, उसी दौरान श्रीप्रकाश शुक्ला ने अपराध की दुनिया में अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी। पन्ना भी श्रीप्रकाश शुक्ला की तरह लोगों में अपना खौफ बनाना चाहता था। हालांकि जब पुलिस ने श्रीप्रकाश शुक्ला का एनकाउंटर किया तो पन्ना यादव तथा उसके साथी अंडरग्राउंड हो गए थे। पुलिस ने पन्ना पर इनाम भी घोषित कर दिया था। बता दें पन्ना का एकाउंटर गोरखपुर की एसटीएफ टीम ने बहराइच में किया था।

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