आज हम आपको उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले की एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बाद पूरा जिला दहल उठा था। यहां छह महीने पहले छह साल के मासूम का अपहरण करने के बाद फिरौती की रकम न मिलने पर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हैरान करने वाली बात ये रही कि मासूम की हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसका चाचा ही था।
ये हुई थी घटना
घटना दिसंबर माह 2020 की है। कोतवाली थाना क्षेत्र के बांसपार गांव के टोला भुलनापुर के छह साल के पीयूष का अपहरण नौ दिसंबर को हुआ था। पीयूष के पिता कृष्णा गुप्ता ने कोतवाली में तहरीर देकर अपहरण का केस दर्ज कराया था। 12 दिसंबर की सुबह पुलिस टीम ने पीयूष के चाचा को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। दिन भर वह पुलिस को छकाता रहा, लेकिन पुलिस ने सख्ती की तो सच्चाई सामने आ गई।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली और शव को खेत में दफन करने की जानकारी दी। आरोपी किशोर ने मासूम का अपहरण करके 50 लाख की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं मिलने पर उसने बच्चे की हत्या की थी।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
बालक का शव गांव के पास खेत में दफन मिला तो इलाके में हड़कंप मच गया। मासूम का शव देखते ही पिता का कलेजा फट पड़ा। परिजनों की दहाड़ सुनकर वहां मौजूद हर कोई रो पड़ा। परिजनों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि जिस चाचा के साथ पीयूष इतना घूल मिलकर रहता था वही उसको मौत के घाट उतार देगा।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
फिरौती की रकम की चिठ्ठी लिखकर किया था गुमराह
फिरौती की रकम के लिए चिठ्ठी लिखकर आरोपी ने मामले को बड़ा बनाने की कोशिश की। उसने सोचा की ऐसा करने से किसी को कोई शक नहीं होगा। लेकिन पुलिस ने घर में छानबीन शुरू की तो जांच में कॉपी मिली, जिसका फिरौती वाले पत्र से मिलान कराया गया। इसके बाद शक ज्यादा पुख्ता हुआ तो चाचा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू हुई। आरोपी ने बताया था कि उसने स्वयं ही फिरौती वाली चिठ्ठी लिखी थी।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
चाचा के साथ घुल- मिलकर रहता था पीयूष
मृतक पीयूष अपने पट्टीदारी के चाचा के साथ ज्यादा रहता था। वह घर में सबसे ज्यादा उसी के करीब था। इसी का फायदा उसने उठाया। यही कारण है कि शुरूआत में किसी को उस पर शक नहीं हुआ था।