15 लाख रुपये हड़पने के चक्कर में हुई प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, सच्चा दोस्त ही निकला कातिल
विश्वास में लेकर उसे पहले नौतनवां घर बुलाया फिर साथ में खाया-पीया फिर हत्या कर फरार हो गए। चारों आरोपितों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। हालांकि मुख्य आरोपित व्यापारी कन्हैया अभी फरार है। आरोपियों की पहचान गुलरिहा इलाके के रामपुर पोखरा टोला निवासी रमेश उर्फ रोशन, पिपराइच के महमूदाबाद निवासी संकेश, रफीक और प्रवीण कुमार उर्फ सचिन के रूप में हुई।
एसपी नार्थ अरविंद पांडेय ने पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शव मिलने के कुछ देर बाद ही चिलुआताल पुलिस ने मृतक की पहचान इंद्रासन के रूप में कर दी थी, जिसके बाद पिता और घर के अन्य सदस्य भी पहुंचकर शव की पहचान किए। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि नौतनवां निवासी कन्हैया शिवम टाइल्स के नाम से चिलुआताल इलाके में दुकान चलाता है और उसे इंद्रासन ने दोस्ती में पंद्रह लाख रुपये का टाइल्स दिलाया था। उसी रुपये को बार-बार इंद्रासन वापस करने को कह रहा था जिसे हड़पने की नीयत से कन्हैया ने ही हत्या की साजिश रची।
कन्हैया ने नौतनवां में इंद्रासन को बुलाया और फिर वहीं पर इंद्रासन और कन्हैया साथ में खाए-पीए। रात 10:30 बजे के करीब इंद्रासन वापस आने के लिए कार में सवार हुए थे। उसी समय पीछे कन्हैया, संकेश बगल में रमेश बैठ गए। रफीक पीछे से बाइक से आ रहा था। रास्तों ने कन्हैया ने कहा कि चौरीचौरा तरफ चलो वहीं पर रुपये देंगे। फिर सुनसान जगह देखते ही कन्हैया ने पीछे से गझमा से गला कस दिया और रमेश ने स्टेयरिंग संभालकर गाड़ी बंद कर दी।
कान के कुंडल से हुई पहचान
इंद्रासन के एक कान में कुंडल था। इसी से उनकी पहचान हो पाई। चिलुआताल थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराने गए परिजनों से पुलिस ने कुंडल के बारे में पूछा और हामी भरने पर फोटो दिखाई, जिसके बाद चौरीचौरा पहुंचकर परिजनों ने शिनाख्त की।