बस्ती के अखंड कसौधन के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार आदित्य सिंह और सूरज सिंह मूलरूप से सहजनवां तहसील क्षेत्र के पाली गांव के रहने वाले हैं। पूरा परिवार सहजनवां कस्बे में मकान बनाकर रहता है। सूरज और आदित्य ने आईटीआई की पढ़ाई की है। शनिवार को दोनों आरोपियों के घर सन्नाटा रहा। पाली गांव स्थित घर पर कोई नहीं मिला।
बस्ती अपहरण मामला: आठ दिनों से एक ही कमरें में बंद पड़ा था मासूम, टीवी सीरियल देख सगे भाइयों ने रची थी खतरनाक साजिश
इस बीच कारोबार में नुकसान होने लगा और दोनों ने बस्ती के रुधौली थानाक्षेत्र के कपड़ा व्यवसायी के बेटे अखंड कसौधन का अपहरण कर लिया। सगे भाइयों में सूरज बड़ा है। उसने मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया हुआ है। आदित्य सिंह ने आईटीआई की पढ़ाई की है। एक बहन है, जो पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही है।
अपहरण करेंगे, यह समझ से परे : कृपानंद
बेलौरा चौराहे पर मिले आरोपियों के पिता कृपानंद सिंह का कहना है कि बेटे कपड़ा सप्लाई का काम करते थे। किसी का अपहरण कर लेंगे, ऐसा समझ से परे है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। कपड़े का पुराना कारोबार है। दो दिन खलीलाबाद की थोक मंडी में काम करते हैं। इसके बाद बेलौरा चौराहा स्थित कपड़े की दुकान देखते हैं। गिरफ्तारी के बाद बेटों से बात नहीं हो सकी है। बेटों से मिलने के बाद ही कुछ बात हो पाएगी। घटना से परिवार पीड़ा में है।
मां के गहने को गिरवी पर रखकर अपहर्ताओं ने बैंक से लिए थे दो लाख रुपये
आदित्य सिंह और सूरज सिंह कपड़े का कारोबार करते हैं। एसटीएफ के मुताबिक, कुछ समय से दोनों को कारोबार में नुकसान हुआ। इसलिए मां के सोने गहने को एक निजी बैंक में गिरवी रख दिया। इसके एवज में दो लाख रुपये लिए, लेकिन कारोबार गति नहीं पकड़ सका। आरोपियों को पता था कि रुधौली के कपड़ा कारोबारी के पास पैसा है। लिहाजा, उसके बालक का अपहरण कर लिया और पचास लाख रुपये की फिरौती मांगी।
टीवी सीरियल देखकर रची साजिश
बस्ती एसपी के अनुसार अपहर्ताओं ने क्राइम थ्रिलर पर आधारित टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया देखकर वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। सीरियल से सीख लेकर दोनों ने वारदात में अपने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। चाय-ठेला वालों और दूसरे से छीनकर मोबाइल का इस्तेमाल किया। दूसरे कई पैंतरे भी सीरियल के ही आजमाए।