कोरोना की रफ्तार : यहां संक्रमितों की मौत की नहीं ले रहा कोई जिम्मेदारी, बेड का इंतजार और टेस्ट रिपोर्ट बढ़ा रही बीमारी
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बढ़ते मरीजों के बीच सरकारी और निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर अब फुल हो चुके हैं। सामान्य मरीजों के लिए तो कुछ हद तक बेड खाली हैं। लेकिन जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है कि उस हिसाब से आने वाले तीन से चार दिनों के अंदर सामान्य बेड भी मरीजों को नहीं मिलेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि स्थितियां बड़ी खराब हो चुकी हैं। मरीज बढ़ते जा रहे हैं और बेड कम होते जा रहे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन चार से पांच कोरोना संक्रमित मरीज लौटाएं जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि बेड खाली नहीं है जबकि बीआरडी में 150 बेड हैं। इसके अलावा छात्रसंघ चौराहा स्थित पैनेशिया हॉस्पिटल में 90 बेड का वार्ड है। इसमें 30 पर वेंटिलेटर की सुविधा भी है। यहां भी एक भी बेड नहीं खाली है। बांबे हास्पिटल में 10 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा है। यहां भी बेड फुल हो चुका है। फातिमा में वेंटिलेटर के साथ-साथ सामान्य बेड भी फुल हो चुके हैं। कहीं किसी भी निजी अस्पताल में वेंटिलेटर वाले बेड खाली नहीं है।
शहर के कई केंद्रों पर कोरोना की एंटीजन और आरटीपीसीआर से जांच हो रही है। आरटीपीसीआर जांच के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दिव्यनगर के रहने वाले 45 वर्षीय व्यक्ति ने 11 अप्रैल को आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेजा था, 16 अप्रैल तक उनकी रिपोर्ट नहीं आई थी। इस बीच वह खुद तो संक्रमित हुए ही। साथ ही उनकी पत्नी भी संक्रमण का शिकार हो गई। स्थिति ऐसी हो गई है कि उनके दो बच्चे भी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। यह कहानी केवल एक परिवार की नहीं है। ऐसे सैकड़ों लोग हैं, जो रिपोर्ट के चक्कर में खुद के साथ पूरे परिवार को संक्रमित कर दे रहे हैं।
पिछले साल अप्रैल का महीना जिलेवासियों के लिए मुसीबत नहीं बना था। लेकिन इस साल का अप्रैल माह हर दिन मुसीबत बढ़ाता जा रहा है। 15 अप्रैल को जिले में रिकॉर्ड 927 मरीज मिल चुके हैं। एक्टिव केस का आंकड़ा पांच हजार के करीब पहुंच चुका है। इसके बाद भी संसाधन और सुविधाएं स्वास्थ्य विभाग बढ़ा नहीं पा रहा है। जिसकी वजह से हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं। इतना ही नहीं बीआरडी में पिछले एक सप्ताह की बात करें तो करीब 30 से अधिक संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
सांसद ने निरीक्षण कर देखी जिला अस्पताल की व्यवस्था
सदर सांसद रवि किशन ने जिला अस्पताल स्थित टीबी वार्ड का निरीक्षण किया। जानकारी ली कि कोविड-19 मरीजों के लिए कितने बेड हैं। सांसद ने जिला अस्पताल के डॉक्टरों को निर्देशित किया कि कोई भी मरीज खाली हाथ नहीं जाना चाहिए। उसका समुचित इलाज होना चाहिए। जिला अस्पताल में वह सुविधाएं मौजूद हैं जो आम जनता के दर्द को दूर कर सकती हैं। कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में कोरोना से जंग जीता जाएगा। कोविड से डरने की जरूरत नहीं है। केवल कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए अपनी बारी आने पर टीका जरूर लगवाएं।