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गोरखपुर में कोरोना का कहर जारी: मेडिकल कॉलेज में बेड फुल, एंबुलेंस में कोरोना मरीज ने तोड़ा दम

Tue, 13 Apr 2021 10:20 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 13 Apr 2021 10:20 AM IST
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corona patient dead in ambulance at Gorakhpur
कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में सीधे भर्ती होने आए 72 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना मरीज को भर्ती नहीं किया गया। ढाई घंटे तक परिजन निवेदन करते रहे। लेकिन किसी ने एक न सुनी। अंत में एंबुलेंस में ही मरीज की मौत हो गई। डॉक्टर और स्टाफ ने बेड फुल होने का हवाला देकर भर्ती नहीं किया। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि जब बेड खाली होगा तभी मरीज भर्ती हो पाएगा।





 

corona patient dead in ambulance at Gorakhpur
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला

जानकारी के मुताबिक खजनी के 72 वर्षीय बुजुर्ग कोविड पॉजिटिव थे। हालत खराब होने पर परिजन 108 नंबर एंबुलेंस की मदद से दोपहर 12 बजे मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड लेकर पहुंचे। कोविड वार्ड पहुंचने पर मरीज को भर्ती करने से कर्मियों ने मना कर दिया।

 

corona patient dead in ambulance at Gorakhpur
corona - फोटो : पीटीआई

कर्मियों ने साफ कहा कि कहीं और ले जाइए, यहां भर्ती नहीं हो पाएंगे। बेड खाली नहीं है। इस पर परिजनों ने कई बार अनुरोध किया। परिजन रो भी रहे थे। लेकिन किसी ने एक न सुनी। अंत में 2:30 बजे मरीज की एंबुलेंस में ही मौत हो गई। बताया जा रहा कोविड कमांड सेंटर के जरिए आइए, तभी मरीज को भर्ती किया जा सकता है। सीधे मरीजों को भर्ती नहीं कर सकते हैं।

 

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कोरोना वायरस। - फोटो : अमर उजाला।

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने कहा कि आइसीयू में बेड फुल हो गए हैं। इसकी वजह से गंभीर मरीजों को भर्ती करने में परेशानी हो रही है। मरीजों को भी कोविड कमांड सेंटर के जरिए आना चाहिए, तो उन्हें परेशानी नहीं होगी।

 

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कोरोना वायरस की जांच कराते लोग - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मरीजों की जान बचाना है। सीधे आए मरीजों को भी भर्ती किया जाता है। एक मरीज को भर्ती करने में अधिकतम 15-20 मिनट लगते हैं। ढाई घंटे की बात समझ में नहीं आ रही है। फिर भी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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