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12वीं बोर्ड रद्द: सीबीएसई और सीआईएससीई की बारहवीं की परीक्षा निरस्त किए जाने का स्वागत, लोगों ने कहा- 'जीवन रहेगा तभी होगी पढ़ाई'
Wed, 02 Jun 2021 09:50 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 02 Jun 2021 09:50 AM IST
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परिक्षाएं रद्द किए जाने पर डायरेक्टर व विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया।
- फोटो : अमर उजाला।
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सीबीएसई और सीआईएससीई की बारहवीं की परीक्षाओं को निरस्त किए जाने के फैसले का गोरखपुर जिले के स्कूल प्रबंधकों और विद्यार्थियों ने स्वागत किया है। एक स्वर में कहा कि परीक्षाएं जरूरी है, मगर जब सवाल जीवन बचाने से जुड़ा हो तो प्राथमिकता जीवन को ही मिलनी चाहिए। परीक्षाएं निरस्त होने से साल भर की मेहनत बर्बाद होना दुखद है मगर इसके अलावा सरकार के पास कोई और विकल्प भी नहीं था। तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका पूर्व में ही जताई जा रही है। बच्चों का वैक्सीनेशन भी नहीं हो सका है। ऐसे में परीक्षा देने के लिए आने जाने के दौरान या क्लास रूम में संक्रमित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता था। अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में स्कूल प्रबधंकों और विद्यार्थियों ने अपनी बातें कुछ यूं रखी है।
डायरेक्टर अजय शाही।
- फोटो : अमर उजाला।
बच्चों ने की साल भर की कड़ी मेहनत
आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के ग्रुप डायरेक्टर अजय शाही ने बताया कि बच्चों ने वर्ष भर बोर्ड परीक्षा को लेकर कड़ी मेहनत की है। उनको एक अवसर मिलना चाहिए था। लेकिन सरकार ने विषम परिस्थिति में जो निर्णय लिया है वो वक्त की मांग था। बच्चों का जीवन अनमोल है। प्रमोशन को लेकर जो गाइडलाइंस मिलेंगी। उसका अनुपालन कराया जाएगा।
आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के ग्रुप डायरेक्टर अजय शाही ने बताया कि बच्चों ने वर्ष भर बोर्ड परीक्षा को लेकर कड़ी मेहनत की है। उनको एक अवसर मिलना चाहिए था। लेकिन सरकार ने विषम परिस्थिति में जो निर्णय लिया है वो वक्त की मांग था। बच्चों का जीवन अनमोल है। प्रमोशन को लेकर जो गाइडलाइंस मिलेंगी। उसका अनुपालन कराया जाएगा।
छात्रा तन्वी सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
सरकार से परीक्षा के आयोजन की थी उम्मीद
आरपीएम एकेडमी कक्षा बारहवीं की छात्रा तन्वी सिंह ने बताया कि दसवीं की परीक्षाओं के साथ ही इसका एलान कर दिया जाना चाहिए था। दसवीं के बच्चों को प्रमोट करने के बाद से ही परीक्षा को लेकर तैयारियों को और तेज कर दिया गया था। सरकार को एक मौका हालात सामान्य होने पर देना चाहिए था फिर भी फैसले से सभी खुश हैं।
आरपीएम एकेडमी कक्षा बारहवीं की छात्रा तन्वी सिंह ने बताया कि दसवीं की परीक्षाओं के साथ ही इसका एलान कर दिया जाना चाहिए था। दसवीं के बच्चों को प्रमोट करने के बाद से ही परीक्षा को लेकर तैयारियों को और तेज कर दिया गया था। सरकार को एक मौका हालात सामान्य होने पर देना चाहिए था फिर भी फैसले से सभी खुश हैं।
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डायरेक्टर हेमंत मिश्रा।
- फोटो : अमर उजाला।
परीक्षा ही प्रतिभा को मापने का पैमाना नहीं
एबीसी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर हेमंत मिश्रा ने बताया कि वर्तमान हालात को देखते हुए सरकार ने उचित फैसला लिया है। परीक्षा ही बच्चों की प्रतिभा को मापने का कोई पैमाना नहीं होता है। साल भर स्कूल में बिताने के दौरान कई अन्य ऐसे माध्यम मिलते हैं। जिससे बच्चों का इंटरनल असेसमेंट किया जा सकता है।
एबीसी पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर हेमंत मिश्रा ने बताया कि वर्तमान हालात को देखते हुए सरकार ने उचित फैसला लिया है। परीक्षा ही बच्चों की प्रतिभा को मापने का कोई पैमाना नहीं होता है। साल भर स्कूल में बिताने के दौरान कई अन्य ऐसे माध्यम मिलते हैं। जिससे बच्चों का इंटरनल असेसमेंट किया जा सकता है।
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छात्र कुमार सौरभ।
- फोटो : अमर उजाला।
अभिभावकों को मिली राहत
एबीसी पब्लिक स्कूल बारहवीं के छात्र कुमार सौरभ ने कहा कि सरकार के फैसले से विद्यार्थियों के साथ साथ अभिभावकों को राहत मिली है। अब प्रमोशन के आधार की गाइडलाइंस पर नजर होंगी। आशा है कि सरकार कोविड महामारी से उपजे हालात को देखते हुए नंबर देने में कोई कोताही नहीं करेगी।
एबीसी पब्लिक स्कूल बारहवीं के छात्र कुमार सौरभ ने कहा कि सरकार के फैसले से विद्यार्थियों के साथ साथ अभिभावकों को राहत मिली है। अब प्रमोशन के आधार की गाइडलाइंस पर नजर होंगी। आशा है कि सरकार कोविड महामारी से उपजे हालात को देखते हुए नंबर देने में कोई कोताही नहीं करेगी।