फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: बुद्ध की धरती को अब भी महसूस होता है तालिबानियों से मिला दर्द, जानिए क्या है इसकी कहानी

Thu, 19 Aug 2021 03:38 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, सिद्धार्थनगर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 19 Aug 2021 03:38 PM IST
विज्ञापन
Buddha land still feels pain from Taliban
भगवान बुद्ध। - फोटो : अमर उजाला।

भगवान बुद्ध की धरा भी अफगानिस्तान में दोबारा तालिबान शासन और मानवता पर क्रूरतम प्रहार से आहत है। दो दशक पूर्व तालिबानियों ने जो जख्म दिया था, वह फिर से हरा हो गया है। तथागत की माटी के लोग भी इस दर्द को शिद्दत से महसूस कर रहे हैं।



बुद्ध विद्यापीठ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भारत भूषण द्विवेदी बताते हैं कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से महज 150 किमी दूर स्थित बामियान घाटी में पांचवीं एवं छठीं शताब्दी में कुषाणों ने दो विशाल बौद्ध प्रतिमाओं का निर्माण कराया था। करीब 1500 वर्षों तक प्रकृति के थपेड़ों को भी झेलकर ये प्रतिमाएं पूरी दुनिया को मानवता का संदेश दे रही थीं। मार्च 2001 में तालिबानियों ने इनको जमींदोज कर दिया था।

इस घटना के बाद प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह भी काफी आहत हुए थे। उन्होंने 21 दिसंबर 2001 को जनपद प्रवास के दौरान कपिलवस्तु में 180 फीट ऊंची बुद्ध की प्रतिमा का निर्माण कराने की घोषणा करते हुए इसका शिलान्यास भी किया था। अनुयायियों को इससे थोड़ा सुकून तो मिला, लेकिन अफसोस अब तक है। पूर्व सीएम राजनाथ की घोषणा मूर्त रूप नहीं ले सकी। मामला शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ सका। अब अफगानिस्तान में दोबारा तालिबानियों के काबिज होने से बुद्ध की धरा खुद को असहज महसूस कर रही है।

Buddha land still feels pain from Taliban
भगवान बुद्ध। - फोटो : अमर उजाला।

तालिबानों के लिए करारा जवाब होगा
पूर्व प्रधानाचार्य चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि अफगानिस्तान में दोबारा तालिबानों की ओर से आतंक मचाया जा रहा है। बुद्ध भगवान सहित अन्य प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त की जा रही हैं। ऐसे में कपिलवस्तु में शिलान्याय हो चुके 180 फीट की प्रतिमा के निर्माण को मूर्त रूप देने से बौद्ध पर्यटकों के साथ ही भारतीयों के लिए गौरव की बात होगी, साथ ही तालिबानों को करारा जवाब भी होगा।

 

Buddha land still feels pain from Taliban
भगवान बुद्ध। - फोटो : अमर उजाला।

प्रतिमा निर्माण से ही जनभावनाओं का सम्मान
वरिष्ठ अधिवक्ता दिव्य प्रकाश शुक्ला ने कहा कि 2001 में तालिबानों की ओर से भगवान बुद्ध की प्रतिमाएं तोड़ी गई थीं। इस दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए 180 फीट प्रतिमा निर्माण के लिए शिलान्यास किया था। अफसोस यह है कि राजनेता सिर्फ अपनी भावनाओं का ख्याल रखकर तात्कालिक निर्णय तो ले लते हैं, पर जन भावनाओं को भूल जाते हैं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Buddha land still feels pain from Taliban
भगवान बुद्ध का शिलान्यास। - फोटो : अमर उजाला।

घाव को भरने का माहौल बनाएगा प्रतिमा निर्माण
चिकित्सक डॉ. अरुण द्विवेदी ने कहा कि अफगानिस्तान में 2001 के बाद पुन: एक बार तालिबानी के आतंक से वहां के नागरिक आहत हैं ही, साथ ही बुद्ध की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना निश्चय ही बौद्ध देशों के साथ ही भारतीय भी दुखी हैं। ऐसे में कपिलवस्तु में शिलान्यास वाली जगह प्रतिमा का निर्माण हो जाए तो तालिबानियों से मिले दर्द पर थोड़ा मरहम होगा।

विज्ञापन
Buddha land still feels pain from Taliban
भगवान बुद्ध। - फोटो : अमर उजाला।

केंद्र व प्रदेश सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए
कपिलवस्तु सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के पुरातत्व विभाग की अध्यक्ष डॉ. नीता यादव ने कहा कि एक बार फिर अफगानिस्तान में तालिबानों का हमला हो रहा है। अफगानिस्तान में भगवान बुद्ध की प्रतिमाएं पुन: क्षतिग्रस्त की जा रही हैं। ऐसे में 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से किए गए 180 फीट की ऊंची प्रतिमा के निर्माण की प्रासंगिकता बढ़ जाती है। इस दिशा में केंद्र और प्रदेश सरकार को ठोस कदम उठाया जाना बेहतर होगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed