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Harishankar Tiwari: हरिशंकर तिवारी के पैतृक गांव पहुंची शव यात्रा, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

Wed, 17 May 2023 05:58 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, चिल्लूपार, बड़हलगंज (गोरखपुर)।
अमर उजाला ब्यूरो, चिल्लूपार, बड़हलगंज (गोरखपुर)। Published by: vivek shukla Updated Wed, 17 May 2023 05:58 PM IST
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Bahubali of politics Pandit Harishankar Tiwari Funeral merged with Panchatatva in Gorakhpur
हरिशंकर तिवारी का अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
पूर्वांचल के कद्दावर ब्राह्मण नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री पं हरिशंकर तिवारी का पार्थिव शरीर बुधवार को दोपहर बाद 3.30 बजे पैतृक गांव टाड़ा पहुंचा। गांव के लाल का अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। जब तक सूरज चांद रहेगा, बाबा तेरा नाम रहेगा सहित अन्य नारों की गूंज अपने लोकप्रिय नेता की अंतिम विदाई का माध्यम बना। गांव की महिलाएं, पुरूष, नौजवान, बच्चे, वृद्ध सभी पंडित जी के अंतिम दर्शन को बेताब दिखे।


 
Bahubali of politics Pandit Harishankar Tiwari Funeral merged with Panchatatva in Gorakhpur
हरिशंकर तिवारी का अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

मंगलवार की देर शाम पंडित हरिशंकर तिवारी के निधन की सूचना चिल्लूपार क्षेत्र के लोगों को मिली तो लोग हाता के लिए निकल पड़े। बुधवार को गोरखपुर से निकली शवयात्रा में क्षेत्र के लोग भी हमसफर हो गए। कुछ देर गांव में रूकने के बाद शव यात्रा बड़हलगंज के लिए रवाना हुई। जैसे जैसे काफिला आगे चलता रहा लोगों का कारवां भी बढ़ता गया।


Bahubali of politics Pandit Harishankar Tiwari Funeral merged with Panchatatva in Gorakhpur
हरिशंकर तिवारी का अंतिम दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
पंडित भृगुनाथ चतुर्वेदी बालिका इंटर कॉलेज होते हुए शव यात्रा बड़हलगंज पहुंची। पंडित जी के निधन पर शोक जताने व अंतिम दर्शन के लिए सडक के किनारे लोग खड़े दिखे। नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज पर कुछ देर तक पार्थिव शरीर रखे वाहन को रोका गया। यहां लोगों ने अपने नेता का अंतिम दर्शन किया। इसके बाद शव यात्रा मुक्तिपथ के लिए रवाना हुई।

 
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Bahubali of politics Pandit Harishankar Tiwari Funeral merged with Panchatatva in Gorakhpur
हरिशंकर तिवारी के घर जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

शोक में बंद रहे व्यवसायिक प्रतिष्ठान व शिक्षण संस्थाएं
पूर्व कैबिनेट पंडित हरिशंकर तिवारी के निधन पर बड़हलगंज में अधिकांश व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बैंक रोड व कालेज रोड की सभी दुकानें बंद रहीं। वहीं पं भुगृनाथ चतुर्वेदी कन्या इंटर कॉलेज छपिया, नेशनल इंटरमीडिएट कालेज, नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कालेज बडहलगंज के अलावा तमाम कान्वेंट स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया।

 

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हरिशंकर तिवारी की अंतिम यात्रा। - फोटो : अमर उजाला।

हरिशंकर तिवारी की ख्याति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चिल्लूपार सीट से वे 22 साल तक लगातार विधायक चुने गए। हरिशंकर की एक खूबी ये भी रही कि हर दल के साथ उनके करीबी रिश्ते रहे। सत्ता चाहे जिसकी भी रही वे हमेशा मंत्री बनते रहे। बीजेपी का दौर हो या समाजवादी पार्टी अथवा बहुजन समाज पार्टी का, हर बार पंडित हरिशंकर को सराकर में बड़ा ओहदा मिला।

वर्ष 2007 तक हरिशंकर तिवारी का राजनीतिक जीवन ऊंचाइयों को छूता रहा, लेकिन उसके बाद पहली बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। साल 2007 के बाद 2012 में भी वे चुनाव हार गए। इसके बाद उन्होंने अपनी सियासी कर्मभूमि छोटे पुत्र विनय शंकर तिवारी को सौंप दी। साल 2017 में विनय शंकर बीएसपी से चुनाव लड़े और पूर्व मंत्री राजेश तिवारी को हराकर पुश्तैनी सीट पर कब्जा जमाया।

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