गोरखपुर में कोविड टीकाकरण को लेकर खासा उत्साह देखा गया। शुक्रवार को पांच स्वास्थ्यकर्मियों को मामूली दिक्कत हुई। इसमें एक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत में तेजी से सुधार हो गया। टीकाकरण के दूसरे दिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार और सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय समेत 2904 लोगों ने अलग-अलग केंद्रो पर वैक्सीन लगवाया।
गोरखपुर में दूसरे दिन 71 फीसदी लोगों ने लगवाई कोरोना वैक्सीन, तस्वीरों में देखें लोगों का उत्साह
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जिले के सभी केंद्रों पर शुक्रवार को सीरम इंस्टीटयूट की कोविशील्ड वैकसीन लगाई गई। टीका लगवाने के बाद पांच लोगों को हल्का रिएक्शन हुआ। पिपराइच में एक आशा कार्यकत्री की तबीयत खराब हुई। उसे बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती किया गया। जहां उसकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है।
झिझक मिटाने को आगे आए अधिकारी
कर्मचारियों की झिझक मिटाने के लिए विभाग के आला अधिकारी भी आगे आए। बीआरडी प्राचार्य व सीएमओ के अलावा एडिशनल सीएमओ डॉ. एके चौधरी, पीएमएस के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह, आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित मिश्रा, माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह, डॉ. यूसी सिंह, डॉ. रामकुमार जायसवाल, डॉ. शिल्पा मल्ल, डॉ. रीता सिंह, डॉ. जय कुमार, डॉ. मनीष चौरसिया ने भी वैक्सीन लगवाई। कमिश्नर जयंत नार्लिकर वैक्सीनेशन स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के अलावा अर्बन पीएचसी बसंतपुर का भी निरीक्षण किया।
41 केंद्रों पर हुआ टीकाकरण
शुक्रवार को पहले चक्र के टीकाकरण का दूसरा दिन रहा। इसमें 4100 लोगों को वैक्सीन लगनी थी। शुक्रवार को जिले के 41 केंद्रों पर टीकाकरण की शुरुआत हुई। इसमें नौ अर्बन हेल्थ पोस्ट के अलावा जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखनाथ अस्पताल के साथ ही सीएचसी-पीएचसी शामिल है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल और गोरखनाथ अस्पताल में एक से अधिक बूथ बने थे। हर बूथ पर सौ-सौ लोगों को वैक्सीन के लिए बुलाया गया था।
टीका लगवाने में भी महिलाएं आगे
शुक्रवार को 2904 लोगों ने वैक्सीन लगवाई। शुक्रवार को 71 फीसदी लोगों ने वैक्सीन लगवाई। इस बार भी वैक्सीन लगवाने वालों में आधी आबादी हावी रहीं। इसमें 1890 महिलाएं और 1014 पुरुष शामिल रहे। पिपराइच समेत पांच जगहों पर एनाफ्लेक्सिस(एएफआई) किट का प्रयोग हुआ। इससे पहले 16 जनवरी को टीकाकरण में 52 फीसदी लोग शामिल हुए थे।
30 मिनट तक जिला अस्पताल में रहे कमिश्नर
वैक्सीनेशन के दौरान कमिश्नर जयंत नार्लिकर निरीक्षण करने पहुंचे। कमिश्नर दोपहर 12:06 पर जिला अस्पताल पहुंचे। इस दौरान एसआईसी डॉ. एसी श्रीवास्तव, सीएमओ, एडिशनल सीएमओ मौजूद रहे। उन्होंने टीकाकरण की प्रक्रिया की जानकारी कमिश्नर को दी। कमिश्नर ने वेरिफायर काउंटर पर पहुंचकर टीकाकरण की पूरी प्रक्रिया को समझा। उन्होंने पूछा कि टीकाकरण कैसे हो रहा है। इस प्रक्रिया में कितना मिनट लग रहा है। कोई व्यक्ति अगर पहचान पत्र के बगैर पहुंच जाए तो उसे टीकाकरण कैसे किया जा रहा है। कोई व्यक्ति ऐसा पहुंचे जिसका सूची में नाम शामिल न हो, उसके लिए कौन सी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। टीकाकरण के बाद कितनी देर आब्जर्वेशन में रहना पड़ता है। किसी की तबीयत खराब होने पर क्या इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने कमिश्नर के सवालों का जवाब दिया। इसके बाद कमिश्नर महिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर उन्होंने एक बूथ का निरीक्षण किया। कमिश्नर के साथ एडी हेल्थ डॉ. जनार्दन मणि त्रिपाठी भी मौजूद रहे।