एक्शन आधारित रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' के दसवें सीजन को आखिरकार अपना विजेता मिल ही गया। इस शो में आने वालीं सभी कठिनाइयों को पार करते हुए यह खिताब टीवी अभिनेत्री करिश्मा तन्ना ने जीता है। करिश्मा ने अपने अनुभव को साझा करते हुए अमर उजाला से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि शो में स्टंट करते वक्त उनकी मां की दुआएं हमेशा आपके साथ रहीं। उन्होंने कहा, 'जब भी मैं कोई स्टंट करती थी तो मुझे पता था कि मेरी मां मेरे लिए मुंबई में बैठकर दुआ कर रही हैं। यह चीज हर स्टंट में मुझे बहुत हिम्मत देती थी।'
'खतरों के खिलाड़ी 10' की जीत पर बोलीं करिश्मा तन्ना, 'इसे जीतकर मैंने खुद को गलत साबित किया है'
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शो में आई चुनौतियों के बारे में करिश्मा ने बताया, 'शो मुश्किल तो नहीं था। हालांकि, शुरुआत में मुझे लगा था कि यह शो मैं कर नहीं पाऊंगी क्योंकि यह शो मेरे लिए नहीं है। लेकिन जब धीरे-धीरे मैं स्टंट करने लगी तो मुझे यह महसूस हुआ कि मैं खुद को भी इस शो के जरिए गलत साबित कर सकती हूं। मैंने सोचा कि अगर मैं ठंडे दिमाग से और शांत मन से काम करूंगी तो यह भली-भांति हो सकता है। और हुआ भी वही।'
इस शो के जरिए करिश्मा ने वह धारणा बदलने की कोशिश की है कि खिलाड़ी सिर्फ पुरुष ही हो सकते हैं, महिलाएं नहीं। उन्होंने कहा, 'मुझे पुरुषों के खिलाड़ी होने से कोई परेशानी नहीं है क्योंकि भगवान ने पुरुषों को शारीरिक तौर पर मजबूत बनाया है लेकिन उन्होंने महिलाओं को भी भावनात्मक रूप से मजबूत बनाया है। लड़कियां मानसिक रूप से तो तैयार रहती ही हैं लेकिन अगर वह शारीरिक तौर पर भी तैयार रहें तो कुछ भी कर सकती हैं। मैंने अपनी मानसिक और भावनात्मक खूबी को यहां पर इस्तेमाल किया। मैंने सोच लिया था कि मैं यह शो जीतूं या ना जीतूं लेकिन टॉप 3 तक तो जाऊंगी और लड़कों को टक्कर दूंगी। फिर मेरी मां और भगवान का आशीर्वाद रहा जिससे कि मैं विजयी रही।'
करिश्मा बताती हैं कि उनके लिए यह शो जीतना आसान नहीं था। उन्होंने बताया, 'टक्कर तो मेरी सभी प्रतियोगियों के साथ थी लेकिन करण (पटेल), धर्मेश (येलांदे) और तेजस्वी (प्रकाश) से मेरी सीधी टक्कर थी। तेजस्वी जब तक शो में थीं तो मुझे इस बात की खुशी थी कि कम से कम दो महिलाएं पुरुषों को टक्कर देने के लिए लगातार आगे बढ़ रही हैं। हम पुरुषों को महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देना चाहते थे। वह काफी मजबूत भी थी। लगभग सभी प्रतियोगी ही अच्छे थे।'
शो की पूरी शूटिंग तो बुल्गारिया में हो गई थी लेकिन फिनाले मुंबई में शूट करना था। हालांकि कोरोना वायरस की वजह से फिनाले की शूटिंग भी देरी से हुई। मौजूदा माहौल को देखते हुए करिश्मा मां ऐसे में शूटिंग शुरू करने के उनके निर्णय से थोड़ी चिंतित थीं। करिश्मा ने कहा, 'सेट पर हम स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी सभी सावधानियों का खास ध्यान रख रहे थे। इसलिए सब कुछ बहुत अच्छे से हो गया। जब मैं शूटिंग करके घर पर गई तो उसके लगभग तीन दिन बाद मैं अपनी मां के गले मिली। मुझे भी चिंता थी कि कहीं कोई परेशानी ना हो जाए।'