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Shabnam Case: नींद लगते ही आते हैं डरावने सपने, मां शबनम को याद कर परेशान है बेटा ताज मोहम्मद

Fri, 19 Feb 2021 11:06 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 19 Feb 2021 11:06 AM IST
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Son Taj mohammed is upset remembering his mother Shabnam Not eating food
शबनम - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के अमरोहा के बावनखेड़ी कांड की खलनायिका शबनम का मुरादाबाद जेल में जन्मा बेटा ताज मोहम्मद अब मां को फांसी की चर्चाओं को लेकर परेशान है। यह कहना है ताज की परवरिश कर रहे बुलंदशहर के भूड़ चौराहे के समीप सुशीला विहार कॉलोनी में रहने वाले उस्मान सैफी का। शबनम के सहपाठी जैसा दर्जा रखने वाले उस्मान ने ताज की परवरिश की जिम्मेदारी लेकर उसे अपने साथ रखना शुरू कर दिया था।
Son Taj mohammed is upset remembering his mother Shabnam Not eating food
शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
फोन पर हुई बातचीत में उस्मान ने बताया कि बुधवार रात भर ताज सोया नहीं और ना ही खाना खाया। पूछने पर उनसे लिपटकर रोने लगा। कहा कि नींद लगते ही डरावने सपने आते हैं। गुरुवार को भी उसने खाना नहीं खाया। मां की याद सताने की बात कहता रहा। पढ़ाई के लिए किताब भी नहीं खोली और ना ही खेलने कूदने गया, जबकि रोज आनलाइन क्लास में शामिल होता था।
Son Taj mohammed is upset remembering his mother Shabnam Not eating food
दोषी शबनम और सलीम - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति जी मेरी मां को माफ कर दीजिए
शबनम को फांसी की सजा के खिलाफ भेजी दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद शबनम के 12 वर्षीय बेटे की अपील का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें वह राष्ट्रपति से अपनी मां को माफ करने की गुहार कर रहा है। जानकारी रहे शबनम का पुत्र ताज मोहम्मद जेल में ही हुआ था। इसके बाद उसे परवरिश के लिए बाल शिशु गृह तथा उसके बाद किसी अन्य को सौंप दिया गया है।

 
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महिला कैदी शबनम - फोटो : Social Media
बक्सर से मांगा है रस्से का एस्टीमेट
जेलर एमपी सिंह ने बताया कि मीडिया से सूचनाएं आने के बाद हमने बक्सर जेल से रस्से का एस्टीमेट मांगा है। इसके बाद हम उस पर विचार करेंगे कि रस्सा मंगाना है या नहीं। चूंकि रस्से को तैयार करने में समय लगता है इसलिए हमें इसकी तैयारी पहले से करनी पड़ेगी।
 
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अमरोहा शबनम केस - फोटो : अमर उजाला
अभी तक किसी महिला को भी नहीं लगी फांसी
प्रदेश का एकमात्र महिला फांसी घर मथुरा में ही है। जिसका उल्लेख जेल मैनुअल में है, वरना अधिकारियों के मुताबिक अभी यह फांसीघर पूरा तक नहीं है। फांसीघर के नाम पर केवल एक छोटा सा स्ट्रक्चर है। जिसमें अभी तक किसी महिला को फांसी हीं नहीं दी गई है। जिसके चलते फांसी घर में बहुत सी कमियां हैं।
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