आमतौर पर ये धारणा है कि तेजाब हमले का शिकार लड़कियां होती हैं। एसिड अटैक पीड़ित लोगों में लड़कियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि लॉ कमीशन ने एसिड अटैक को लिंग आधारित अपराध की श्रेणी में रखने की भी बात कही है।
एक आंख खोलकर सोता है ये बच्चा, मां के प्रेमी ने मासूम को दी ऐसी दहला देने वाली सजा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Feb 2017 01:46 PM IST
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