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तस्वीरें : देखें, मेवात में कैसे तैयार हो रहा है सफेद जहर,सोचने पर हो जाएंगे मजबूर

Fri, 10 Feb 2017 12:15 PM IST
यूनुस अलवी/अमर उजाला, गुरुग्राम
यूनुस अलवी/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Fri, 10 Feb 2017 12:15 PM IST
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Photos: See, how prepared is white poison in Mewat
synthetic milk, mewat - फोटो : अमर उजाला

नकली दूध बनाने वालों का मेवात जिला में कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग केवल खानापूर्ति के लिऐ इन दुग्ध डेरियों पर छापामारी करता हैं। तीन दिन पहले भी गांव मन्नाकी स्थित एक ऐसी ही दुग्ध डेरी में स्वास्थ्य विभाग कि टीम ने छापा मारा था जहां पर विभाग ने करीब 12 सैंपल लिये थे। लोगों का आरोप है कि विभाग ने सैंपल तो लिये लेकिन डेरी में रखे संदिग्ध सामान को जब्त नहीं किया, जिसकी वजह से डेरी मालिकों के हौंसले और बुलंद हो गए। अब डेरी वाले और ज्यादा नकली दूध बना रहे हैं।

Photos: See, how prepared is white poison in Mewat
synthetic milk, mewat - फोटो : अमर उजाला

बता दें कि मेवात में एक-दो जगह नहीं बल्कि मेवात के अधिकतर गांवों में यह नकली दूध का कारोबार चल रहा है। इस कारोबार में मेवात का दूधिया वर्ग पूरी तरह संलिप्त है। दूध डेरी मालिक टैंकरों से इस सफेद जहर को दिल्ली पहुंचाने का काम करते हैं। 

Photos: See, how prepared is white poison in Mewat
synthetic milk, mewat - फोटो : अमर उजाला
इस गांव में एक दो नहीं बल्कि ढेरों ऐसे लोग हैं जो दूध की डेयरी के नाम पर सफेद जहर का ये कारोबार कर रह हैं। गांव में डेरी मालिक के पास शुद्ध दूध बहुत ही कम आता है लेकिन वह सोयाबीन का रिफांड तेल, यूरिया, पाउडर, मटराईल कैमिकल, चूना सहित कई प्रकार के केमिकल को पानी या पनीर के खट्टे पानी से करीब चार-पांच दूध के नकली टैंकर तैयार करते हैं। 
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Photos: See, how prepared is white poison in Mewat
synthetic milk, mewat - फोटो : अमर उजाला

उन्होने बताया कि गांव में नकली दूध का कारोबार करने वालों के खिलाफ उन्होने जिले के डीसी, सीएमओ से लेकर मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और सुप्रीम और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को वीडियो सीडी के साथ शिकायत कर चुके हैं। उन्होने बताया कि 2 फरवरी को गांव कि संदिग्ध डेरी पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने छापा मारा था लेकिन विभाग ने कहने को तो 12 सैंपल लिये है लेकिन उन सैंपलों पर किसी भी शिकायतकर्ता के कोई हस्ताक्षर नहीं करवाये। इससे साफ जाहिर होता है कि डेरी मालिक अधिकारियों से मिली भगत करके सैंपल भी बदल सकते हैं। लोगों का कहना है कि जब से डेरी पर छापा पडा है उसके बाद तो डेरी वालों ने अपना धंधा और तेज कर दिया है।

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Photos: See, how prepared is white poison in Mewat
synthetic milk, mewat - फोटो : अमर उजाला

ऐसे बनाते हैं सिंथेटिक दूध के रूप में सफेद जहर 
शुद्ध दूध और सोयाबीन रिफाइंड का आधा लीटर तेल मिक्सर से मिलाते हैं। यह फैट बनकर तैयार हो जाता है। गिरावटी के लिये थोडा नमक, चीनी(बूरा),यूरिया खाद और ग्लूकोज को पानी में मिलाते हैं अगर गिरावटी कम रह जाती है तो उसके एक अलग किस्म के केमिकल मिलाते हैं। दूध में 23-24 गिरावटी होना जरूरी है। दूध का नंबर 50 से ऊपर पास हो जाता है लेकिन 65 से ऊपर का दूध प्योर माना जाता है। दूध में झाग लाने के लिये यूरिया खाद और ईजी और शैंपू का प्रयोग तक किया जाता है।

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