सीबीएसई पेपर लीक होने और फिर उनके री-टेस्ट होने की बात के बाद से देशभर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में जगह-जगह छात्रों के प्रदर्शन हो रहे हैं। बोर्ड पर आरोप लगे हैं कि उनकी चेयरपर्सन को जब एक दिन पहले ही पता चल गया था, कि पेपर लीक हो गए हैं तो उन्होंने कोई अन्य इंतजाम क्यों नहीं किया या पहले ही परीक्षा रद्द क्यों नहीं की।
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cbse paper leak
- फोटो : अमर उजाला
सूत्रों का तो ये तक कहना है कि पेपर लीक होने के काफी दिन पहले ही सीबीएसई को एक गुमनाम लिफाफा और फैक्स मिला था। इन दोनों दस्तावेजों में दिल्ली के राजिंदर नगर के एक स्कूल में पढ़ाने वाले ट्यूटर का नाम लिखा था। लेकिन फिर भी सीबीएसई ने इस बारे में ध्यान नहीं दिया।
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वहीं आज क्राइम ब्रांच ने गूगल से उस ई-मेल आईड़ी की जानकारी मांगी है जिससे सीबीएसई की चेयरपर्सन को लीक पेपर की फोटो वाली मेल भेजी थी। इससे साफ है कि सीबीएसई की चेयरपर्सन को सिर्फ फैक्स और लिफाफा नहीं ई-मेल भी मिला था। फिर भी समय रहते कुछ नहीं किया।
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बता दें कि पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। एक फैक्स के आधार पर दूसरा गुमनाम लिफाफे के आधार पर पर। इस लिफाफे के अंदर लीक हुए पेपर के सभी सवालों के जवाब हाथों से लिख कर भेजे गए थे। इसके साथ ही चार मोबाइल नंबर भी लिखे थे। ये किसने भेजा इसकी जानकारी नहीं थी।
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- फोटो : G. pal
मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने इस बात का भी खुलासा किया है कि सीबीएसई के पेपर 10 व्हॉट्सऐप ग्रुप्स पर लीक किए गए थे। इन सभी ग्रुप्स के 50 से 60 सदस्य हैं।