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CRPF आतंकी हमला: 12 साल चली सुनवाई, 38 की हुई गवाही, पढ़ें पूरी टाइमलाइन
Sat, 02 Nov 2019 03:32 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 02 Nov 2019 03:32 PM IST
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सीआरपीएफ आतंकी हमला
- फोटो : अमर उजाला
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रामपुर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए आतंकी हमले के मामले में कोर्ट ने छह आरोपियों को दोषी करार दिया है और दो को बरी कर दिया है। कोर्ट इस मामले में सजा का एलान आज करेगी। सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर 31 दिसंबर 2007 की रात आतंकी हमला हुआ था। हमले में सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे और एक रिक्शा चालक की मौत हो गई थी। इस हमले में सिविल लाइंस कोतवाली के दरोगा, सिपाही और होमगार्ड समेत छह लोग घायल हुए थे।
कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा
- फोटो : अमर उजाला
सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर हुए हमले में पुलिस द्वारा चार्जशीट लगा गई थी। उसके बाद इस मामले की सुनवाई लगातार चल रही थी। इस मामले में 54 गवाह बनाए गए थे। इनमें से 38 ने गवाही ने दी। गवाहों में पुलिस के कई आला अधिकारी और विदेशी राजनयिक भी शामिल हैं।
आरोपी को कोर्ट ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
12 साल तक करना पड़ा इंतजार
31 दिसंबर 2007 की रात को पूरा देश नए साल का जश्न मना रहा था। इस दौरान सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर कुछ आंतकियों ने एके 47 और एके 56 से सीआरपीएफ के जवानों को गोलियों से उड़ा दिया था। तब भाजपा नेता राजनाथ सिंह सहित कई नेता यहां पहुंचे थे। पूरे यूपी में अलर्ट कर दिया था।
31 दिसंबर 2007 की रात को पूरा देश नए साल का जश्न मना रहा था। इस दौरान सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर पर कुछ आंतकियों ने एके 47 और एके 56 से सीआरपीएफ के जवानों को गोलियों से उड़ा दिया था। तब भाजपा नेता राजनाथ सिंह सहित कई नेता यहां पहुंचे थे। पूरे यूपी में अलर्ट कर दिया था।
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आरोपी को कोर्ट ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इस मामले में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर चालीस दिन के बाद सात आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था। मुंबई निवासी फहीम को भी फर्जी पासपोर्ट के साथ गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में आठ आरोपी बनाए गए थे। ये सभी बरेली और लखनऊ जेल में बंद चल रह थे। इनको हर पेशी पर कड़ी सुरक्षा के बीच लाया जाता रहा है। करीब 11 साल दो माह तक इस कार्रवाई में छह को दोषी करार दिया गया और दो आरोपियों को बरी कर दिया।
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crpf camp in rampur
- फोटो : अमर उजाला
शहीदों के परिजनों को था फैसला का इंतजार
करीब 12 साल पहले हुए सीआरपीएफ हमले में सात जवान मारे गए थे। उनके परिजनों को कोर्ट के फैसले का ब्रेसब्री से इंतजार है।
करीब 12 साल पहले हुए सीआरपीएफ हमले में सात जवान मारे गए थे। उनके परिजनों को कोर्ट के फैसले का ब्रेसब्री से इंतजार है।