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शिवसेना के पूर्व जिला संयोजक मर्डर केस में चौंकाने वाला खुलासा, भाजपा नेता ने कराई थी हत्या
Sat, 30 May 2020 09:13 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 May 2020 09:13 AM IST
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anurag sharma murder case
- फोटो : अमर उजाला।
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रामपुर पुलिस ने शिवसेना के पूर्व जिला संयोजक अनुराग शर्मा की हत्या में उनके दोस्त भाजपा के पूर्व जिला मंत्री छत्रपाल यादव और उसके भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। छत्रपाल के भाई पवन ने दो आरोपियों को तमंचा और बाइक उपलब्ध कराई थी, जिन्होंने 20 मई की रात अनुराग की गोली मारकर हत्या कर दी थी। एसपी ने आरोपियों छत्रपाल यादव, उसके भाई पवन, बाबू उर्फ हिमांशु और राजकिशोर को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है।
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पुलिस ने आरोपियों से एक पिस्टल, दो तमंचे और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। एसपी शगुन गौतम ने कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में दावा किया कि अनुराग शर्मा की हत्या का षड्यंत्र किसी और ने नहीं, बल्कि उनके करीबी दोस्त भाजपा के पूर्व जिला मंत्री छत्रपाल यादव ने रचा था। छत्रपाल ने अनुराग को रास्ते से हटाने के लिए दो ऐसे लोगों को चुना था, जो उससे बदला लेना चाहते थे। छत्रपाल की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी थी।
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एसपी शगुन गौतम ने बताया कि छत्रपाल यादव ने कुछ साल पहले एक चिटफंड कंपनी खोली थी, जिसमें उसे घाटा उठाना पड़ा था। इस मामले में उस पर मुकदमा भी हुआ था। जिन लोगों ने कंपनी में पैसा लगाया था वह अपना पैसा मांग रहे थे। अनुराग से छत्रपाल के दोस्ताना संबंध थे। उसने पत्नी के गहने तक उसे दे दिए थे। पुलिस के अनुसार, अनुराग अब पत्नी के गहने वापस मांग रहा था और अन्य लोग उससे अपना पैसा मांग रहे थे। ऐसे में छत्रपाल ने अनुराग को रास्ते हटाकर उसकी कमाई के साथ-साथ इलाके में अपना वर्चस्व कायम करने की योजना बनाई।
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भाजपा नेता
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इसके लिए उसने हिमांशु उर्फ बाबू से संपर्क किया। उसके पिता की हत्या का आरोप सुनील पर लगा था। बाद में अनुराग ने इस मामले में दबाव डालकर समझौता करा दिया था और सुनील को अपने घर पर रख लिया था। इस वजह से हिमांशु अनुराग से रंजिश रखने लगा था। छत्रपाल ने हिमांशु के अलावा नूरमहल आवास विकास कॉलोनी के राजकिशोर से संपर्क किया। राजकिशोर ने एक बार अनुराग पर जानलेवा हमला किया था, तब वह बच गया था। इस मामले में छत्रपाल ने समझौता कराया था।
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भाजपा नेता छत्रपाल ने राजकिशोर को डराया कि समझौता तो हो गया है, लेकिन अनुराग तुमको नहीं छोड़ेगा। तुम्हारे पास अब एक ही रास्ता है कि अनुराग को रास्ते से हटा दो। इसके लिए मैं तुम्हें एक आदमी और हथियार दूंगा। छत्रपाल की योजना मुताबिक, उसके भाई पवन ने 20 मई को मोटरसाइकिल, दो तमंचे और कारतूस उपलब्ध कराए। दोनों ने 20 मई की रात में आगापुर रोड पर अनुराग को उस वक्त गोली मार दी, जब वह स्कूटी से अपने घर जा रहे था।