69वें गणतंत्र दिवस पर भारत दुनिया को अंहिसा और शांति का संदेश देने जा रहा है। गांधीजी जहां अंहिसा का पाठ पढ़ाएंगे तो महात्मा बुद्ध की शिक्षाएं शांति का संदेश देंगी। इसकी पूरी तैयारी मंगलवार को राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान हुई। (सभी फोटोः रवि बत्रा)
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full dress rehearsal
- फोटो : रवि बत्रा
हिमाचल प्रदेश का की-गोम्पा व मध्य प्रदेश का सांची बौद्धस्थल राजपथ पर शांति-शांति की धुन सुनाएंगे। जबकि गुजरात व ऑल इंडिया रेडियो की झांकी से महात्मा गांधी अहिंसा का पाठ पढ़ाएंगे। खास बात यह है कि राजपथ पर पहली बार हिंदू दीवाली तो मुस्लिम बेटियां आजादी, खुशहाली को दर्शाते ओपन्ना गीतों पर थिरकेंगी।
भारत यूं तो यूएन से लेकर दुनिया के हर मंच पर विश्व शांति का संदेश देता है। लेकिन पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान के साथ सरहद पर बढ़ती तल्खी के बाद भी भारत हिंसा नहीं, बल्कि अंहिसा और शांति का ज्ञान बांट रहा है।
यहां बापू के तीन बंदर बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो व बुरा मत बोलो का भी संदेश देंगे। अयोध्या में राममंदिर बेशक न बन पा रहा हो, लेकिन राजपथ पर भगवान श्रीराम का राज्यभिषेक के साथ दीवाली का त्योहार का लुत्फ दर्शकों को देखने को मिलेगी।
आसियान-भारत में शिक्षा, व्यापार, संस्कृति व धर्म का आदान-प्रदान
आसियान-भारत की दो झांकियां राजपथ पर होंगी, जिसमें पहली में दोनों को जोडने वाली शक्ति के रूप में शैक्षिक, ऐतिहासिक व सभ्यता की कडिय़ां देखने को मिलेंगी।