सुदीक्षा की मौत के मामले में आरोपियों को तलाशने के लिए छह दिन में पुलिस ने एड़ी-चोटी का जोर लगा डाला। लेकिन इस दौरान पुलिस का हर पैंतरा फेल साबित हुआ। लेकिन, पुलिस ने जब सीसीटीवी के माध्यम से सुदीक्षा का पीछा किया तो उनके हाथ सफलता लग गई और आरोपी बाइक सवारों को दबोच लिया गया।
सुदीक्षा प्रकरणः जांच का हर गणित निकला फेल, 7 दिन तक कड़ी मशक्कत करती रही पुलिस, फिर सीसीटीवी...
सुदीक्षा की हादसे में मौत के बाद पुलिस ने 11 अगस्त की देर शाम को तहरीर के आधार पर अज्ञात बुलेट सवारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। साथ ही मामले में एसआईटी समेत विभिन्न थानों पर तैनात निरीक्षक व अन्य पुलिस टीमों को लगाया गया था। पुलिस ने एआरटीओ कार्यालय से क्षेत्र की सभी बुलेट का ब्यौरा निकलवाया। क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, घटनास्थल के आस पास स्थित गांव की बाइकों की डिटेल निकलवा डाली। इस दौरान करीब 150 बुलेट बाइक थाने पर लाकर खड़ी कर दी गईं और दर्जनों लोगों से पूछताछ की गई। लेकिन, पुलिस का हरसंभव कोशिश नाकाम साबित हुई। बुलंदशहर भूड़ चौराहे के निकट लगे सीसीटीवी में पुलिस को सुराग हाथ लगा। इस दौरान पुलिस ने आरोपी द्वारा पहने हुए हेलमेट का नंबर 1901, उनके बैग आदि का खाका निकाल लिया। इसके बाद नगर क्षेत्र में करीब एक हजार लोगों से पूछताछ की गई तो आरोपियों की शिनाख्त हुई। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
साहब, डर के कारण बदलवा दी बुलेट
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उन्हें डर था कि पुलिस उनकी बाइक को पहचान लेगी। इस कारण उन्होंने दो दिन तक बुलेट को एक स्थान पर खड़ा रखा। इसके बाद कालाआम चौराहे के निकट एक मिस्त्री की दुकान पर बुलेट का कलर बदलवाया, उसके व्हील चेंज कराए, साइलेंसर बदलवाया और भी अन्य सामान बदलवा दिया था। जिससे कि पुलिस उनकी बाइक को पहचान न सके।
प्रॉम्पटर पर दर्शाया घटनाक्रम
एसएसपी व डीएम ने संयुक्त रुप से पूरे प्रकरण की प्रेसवार्ता की। इस दौरान प्रॉम्पटर के माध्यम से पूरा घटनाक्रम समझाया गया। साथ ही एक-एक कर सीसीटीवी फुटेज भी मीडिया को दिखाई गईं। जिनमें आरोपी हर फुटेज में मृतका पक्ष की बाइक से आगे नजर आ रहे हैं।
ट्रैक्टर-ट्रॉली के ड्राइवर से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
अमेरिका में पढ़ने वाली स्कॉलर छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत प्रकरण में आरोपियों तक पहुंचने के लिए रोड़ी-बदरपुर से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली का ड्राइवर अहम जरिया बना। उसी ने पुलिस को दोनों आरोपियों तक पहुंचाया। मुख्य आरोपी दीपक चौधरी गुलावठी के कुरली गांव का रहने वाला है। वह बिल्डिंग कांट्रेक्टर का मुनीम है। कांट्रेक्टर ने औरंगाबाद क्षेत्र में स्टेट हाईवे पर खानपुर मोड़ के पास एक मैरिज होम बनाने का ठेका ले रखा है। फिलहाल इसका निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण में लगा राजमिस्त्री राजू है जो बुलंदशहर में भूड़ क्षेत्र का रहने वाला है। गत 10 अगस्त की सुबह दोनों व्यक्ति काले रंग की बुलेट मोटरसाइकिल से मैरिज होम जा रहे थे। बाइक को दीपक चला रहा था। औरंगाबाद क्षेत्र में चरौरा मुस्तफाबाद गांव के पास हादसा हुआ। यहां से वे भाग निकले। सीधे मैरिज होम पर पहुंचे। दीपक ने दूसरे कर्मचारियों को बताया कि घर में सीढ़ियों से गिरने से उसकी टांग में चोट आई है। हालांकि कुछ देर बाद राजू ने कर्मचारियों को सारी सच्चाई बता दी थी। मैरिज होम पर वे कुछ देर रुके और उसी रास्ते से वापस लौट गए।