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Bulandshahar News: झोलाछाप के इलाज से बच्चे का पैर खराब होने का आरोप
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बुलंदशहर। बुखार से पीड़ित बच्चे को इलाज के लिए झोलाछाप के पास पहुंचे परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। इससे ढाई साल के मासूम का बायां पैर खराब हो गया। इससे मासूम खड़ा नहीं हो पा रहा है। परिजनों ने झोलाछाप पर कार्रवाई के लिए बुधवार को सीएमओ व डीएम को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की हैं।
शिकारपुर के गांव असरौली निवासी राजकुमार ने बताया कि परिवार में इकलौते ढाई वर्षीय पुत्र ऋषभ को बुखार होने पर छह सितंबर को शिकारपुर में ही एक झोलाछाप के क्लीनिक पर ले गए। आरोप है कि गुप्ता क्लीनिक संचालक नाबालिग किशोरों से कार्य कराता है।
बेटे को बुखार होने पर अप्रशिक्षित नाबालिग कर्मचारी ने कूल्हे पर इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद बेटे के बाएं पैर ने काम करना बंद कर दिया। आरोप है कि क्लीनिक संचालक गिरीश चंद गुप्ता से शिकायत की तो अभद्रता कर क्लीनिक से भगा दिया।
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इसके बाद से बेटे को कई डॉक्टर को दिखा चुके हैं, लेकिन पैर से बेटा खड़ा नहीं हो पा रहा। क्लीनिक संचालक पर कार्रवाई के लिए डीएम और सीएमओ को पत्र सौंपकर मांग की हैं।
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे का कहना है कि परिजन मिले हैं। उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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शिकारपुर के गांव असरौली निवासी राजकुमार ने बताया कि परिवार में इकलौते ढाई वर्षीय पुत्र ऋषभ को बुखार होने पर छह सितंबर को शिकारपुर में ही एक झोलाछाप के क्लीनिक पर ले गए। आरोप है कि गुप्ता क्लीनिक संचालक नाबालिग किशोरों से कार्य कराता है।
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बेटे को बुखार होने पर अप्रशिक्षित नाबालिग कर्मचारी ने कूल्हे पर इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद बेटे के बाएं पैर ने काम करना बंद कर दिया। आरोप है कि क्लीनिक संचालक गिरीश चंद गुप्ता से शिकायत की तो अभद्रता कर क्लीनिक से भगा दिया।
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इसके बाद से बेटे को कई डॉक्टर को दिखा चुके हैं, लेकिन पैर से बेटा खड़ा नहीं हो पा रहा। क्लीनिक संचालक पर कार्रवाई के लिए डीएम और सीएमओ को पत्र सौंपकर मांग की हैं।
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे का कहना है कि परिजन मिले हैं। उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।