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दहशत की कहानी: बाघों को एहसास नहीं था कि मैं पेड़ पर हूं, उन्हें पता चल जाता तो जिंदा न बचता...
Wed, 14 Jul 2021 05:27 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Jul 2021 05:27 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के दियोरिया रेंज के जंगल में पूरनपुर-दियोरिया मार्ग पर बाघ के हमले में रविवार रात साढ़े आठ बजे के करीब बाइक सवार कस्बा दियोरिया निवासी 27 वर्षीय कंधई और 22 वर्षीय सोनू की मौत हो गई, जबकि तीसरे साथी 23 वर्षीय विकास उर्फ दिक्षु ने पेड़ पर चढ़कर खुद को बचाया। पूरी रात वह पेड़ पर बैठा रहा। तीनों युवक कंधई के ससुराल शाहजहांपुर के जलालपुर से लौट रहे थे। सोमवार सुबह छह बजे ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा तो घटना का पता चला। सूचना पर ग्रामीण, वन विभाग और पुलिस अफसर वहां पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बाघ हमले की घटना में एक मात्र जीवित बचे विकास उर्फ दिक्षु ने पेड़ पर चढ़कर तो अपनी जान तो बचा ली। मगर उसके चेहरे पर साथियों की मौत और बाघ का खौफ देखा जा सकता है। विकास ने बताया कि बाघ ने उसके सिर पर पंजे से प्रहार किया था, मगर हेलमेट से उसकी जान बच गई। सुबह पेड़ से उतरने के बाद वह बोलने की स्थिति में नहीं था। करीब दो बजे के बाद उसने आंखों देखी बताई।
मौके पर पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बिलसंडा ब्लॉक के गांव दियोरिया निवासी विकास उर्फ दिक्षु ने बताया कि रविवार को सुबह 11 बजे गांव के कंधई लाल ने उससे कहीं बाहर चलने की बात कही थी। इस पर वह, कंधई और गांव का ही सोनू एक ही बाइक पर सवार होकर पहले अपनी एक रिश्तेदारी में गए और उसके बाद शाहजहांपुर के पुवायां के जलालपुर में कंधई लाल की ससुराल पहुंचे। शाम होते ही तीनों गांव दियोरिया के लिए चल दिए।
pilibhit tiger attack
- फोटो : अमर उजाला।
घुंघचाई-दियोरिया मार्ग पर दियोरिया जंगल के पास पहुंचते ही वन चौकी पर एक वनकर्मी ने बाइक को रोककर आगे बाघ होने की बात कही थी, मगर जल्दी गांव पहुंचने के चलते हम तीनों आगे बढ़ गए। बाइक जंगल के अंदर करीब 15 मिनट ही चली होगी कि मार्ग के एक साइड में दो बाघ बैठे दिखाई दिए। हड़बड़ाहट में बाइक बाघों से कुछ दूरी पर रोक ली। इसके बाद जब संभल पाते कि एक बाघ ने बाइक पर छलांग लगा दी।
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pilibhit tiger attack
- फोटो : अमर उजाला।
जिससे बाइक समेत हम तीनों गिर पड़े। बाइक सोनू चला रहा था, जबकि सबसे पीछे मैं हेलमेट लगाए बैठा हुआ था। इसी बीच दूसरे बाघ ने मेरे सिर पर पंजे से वार किया, लेकिन हेलमेट लगा होने के कारण मैं बच गया और भागने लगा।
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जंगल में पहुंचे लोग
- फोटो : अमर उजाला
कुछ ही दूरी पर एक पेड़ पर मैं चढ़ गया, जबकि सोनू और कंधई रोड पर दौड़ने लगे। पीछे से बाघों ने दौड़ना शुरू कर दिया। एक बाघ ने सबसे पहले सोनू पर हमला कर उसे मार डाला।